टीना डाबी ने समाधि पर की पूजा-अर्चना
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बता दें कि रामदेव मेला लोकदेवता बाबा रामदेव की स्मृति में लगया जाता है। संत बाबा रामदेव ने 1459 ई. में 33 वर्ष की आयु में मसूरिया गांव में समाधि ली थी। उन्हें भगवान कृष्ण का अवतार माना जाता था और उनके हिंदू, मुस्लिम, जैन और सिख समुदायों के उपासक हैं।
बाबा की समाधि पर राजस्थान के अलावा मध्यप्रदेश, गुजरात सहित कई राज्यों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। कोरोना के कारण इस बार ये मेला दो साल बाद लगेगा। कहा जा रहा है कि मेले के अंतिम दिन यानी सात सितंबर तक लगभग 35 लाख श्रद्धालु बाबा की समाधि पर मत्था टेकने पहुंच सकते हैं। मंदिर का संचालन करने वाले ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेन्द्र चौहान ने बताया कि इस माह अब तक करीब पांच लाख से अधिक जातरू मसूरिया मंदिर में दर्शन कर चुके हैं। राजस्थान सरकार ने दूसरे राज्यों से आने वाले यात्री वाहनों को टैक्स में छूट देने का फैसला किया है।