जैसलमेर से सटे अमर सागर गांव में मंगलवार को UIT द्वारा उजाड़े गए पाक विस्थापितों के आशियाने के बाद हुए विवाद को जिला कलेक्टर टीना डाबी ने अंततः समाप्त कर दिया है। पाकिस्तान से प्रताड़ित होकर हमवतन भारत में सुख-चैन का जीवन-यापन करने की आस में आए पाक विस्थापितों की पीड़ा को देखते हुए टीना डाबी ने बीच की राह निकाल उन्हें सन्तुष्ट कर धरना समाप्त करवा दिया।
मामले की गम्भीरता को देखते हुए कलेक्टर डाबी ने सूझबूझ दिखाते हुए धरनार्थियों को वार्ता के लिए बुलाया। बैठक में पाक विस्थापितों को समझाइश कर उन्हें अन्य जगह पर स्थापित करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरनार्थियों ने धरना समाप्त करने की घोषणा की।
पूर्व में आवंटित और कैचमेंट एरिया में कर रखा था अतिक्रमण...
कलेक्टर टीना डाबी ने बताया कि जिस भूमि पर अतिक्रमण हटाया गया था, वो जमीन या तो UIT द्वारा पूर्व में आवंटित की जा चुकी थी या कैचमेंट एरिया में है। इसलिए हमने उन लोगो से समझाइस की है कि अगर इस जगह आप बैठोगे तो आपको भविष्य में भी दिक्कत आएगी। मंगलवार को जो अतिक्रमण हटाए गए हैं, वो पिछले 10 दिनों के दरमियान किए गए हैं और वो काफी कच्चे किस्म के थे। आज पाक विस्थापितों के साथ एक सफल वार्ता हुई है।
एक हफ्ते में अन्य जगह पर दी जाएगी जमीन...
कलेक्टर डाबी ने बताया कि उनकी मांग के अनुसार UIT द्वारा उन्हें एक हफ्ते में चिन्हित कर उन्हें उचित स्थान दिया जाएगा, जिससे उन्हें तथा वहां के स्थानीय लोगों को कोई परेशानी नहीं हो। हम जल्द ही एक टीम बनाकर सर्वे करवाएंगे, ताकि वो उन परिवारों के लिए सफीसेंट हो और आगे उन्हें कोई परेशानी नहीं हो, वो भी सन्तुष्ट रहें।
रैन बसेरों में करवाई अस्थाई व्यवस्था...
जिन लोगों के पास अभी रहने की बिल्कुल भी जगह नहीं है, फिलहाल उनके रहने के लिए रैन बसेरों में व्यवस्था करवाई गई है। उनके खाने-पीने के लिए निशुल्क व्यवस्था की गई है, जिन्हें नागरिकता मिल चुकी है उन्हें भूमि आवंटित की जाएगी तथा जिन्हें नहीं मिली है चिन्हित करके बसाया जाएगा और नागरिकता मिलने के बाद उन्हें भी जमीन आवंटित की जाएगी।