मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के द्वारा तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला प्रदेश में दो रंगों में नजर आ रहा है। बीजेपी महिला मोर्चा के द्वारा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के आवास पर सम्मान और सत्कार किया गया। इसको लेकर मुख्यमंत्री काफी उत्साहित नजर आए और बोले कि सरकार महिलाओं के अधिकारों को लेकर सजग है और समर्पित है।
संकल्प पत्र में महिलाओं को सशक्त बनाने का वादा पूरा करने की बात भी दोहराई। मुख्यमंत्री बोले कि इस फैसले से महिलाओं को रोजगार के अधिक अवसर बढ़ेगा, नारी सशक्तिकरण को मजबूती प्रदान करने का काम करेगा। प्रदेश की राजधानी में ही एक तरफ मुख्यमंत्री का स्वागत हो रहा था और दूसरी और शहीद स्मारक पर बेरोजगार युवाओं द्वार इस निर्णय का विरोध किया जा रहा था।विरोध की स्थिति यह रही कि पुलिस का जाब्ता लगाकर युवाओं को काबू किया गया और युवाओं के नेता मनोज मीणा को गिरफ्तार तक करना पड़ा।
युवाओं ने अमर उजाला के साथ खास बातचीत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने संकल्प पत्र में दो लाख रोजगार का वादा किया था। परंतु यह फैसला युवाओं के विरुद्ध है। युवाओं का कहना था कि मुख्यमंत्री 50 प्रतिशत आरक्षण पहले मंत्रिमंडल में लागू करें और स्वयं भी पद का त्याग कर महिला को मुख्यमंत्री बनाएं। ग्रामीण इलाके से आए युवाओं ने कहा कि हम किसान परिवार से आते हैं। हमारे माता-पिता अपने हाड़तोड़ मेहनत कर हमको पढ़ाते हैं और सरकार का यह फैसला हमको बर्बाद करने के लिए है। युवाओं ने कहा कि अगर इस आरक्षण पर सही से चिंतन किया जायगा तो यह आरक्षण 70 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा, फिर युवाओं का क्या होगा?
युवाओं ने यह भी कहा कि यह फैसला घरों में बहन और भाई के रिश्ते खराब करेगा। आज जो परिवार अपने जीवन भर पूंजी एकत्र करके अपनी बेटी की शादी करते हैं, क्या अब वो अपनी बेटी से पैसे मांगेगा। इस फैसले से समाज में अराजकता फैल सकती है। युवाओं ने कहा, हम अपनी बहन-बेटियों को आगे बढ़ाने के विरोध में नहीं हैं। परंतु हमारा भी तो जीवन है, जिसका सरकार को ध्यान नहीं है।युवाओं ने कहा कि फैसला नहीं बदला तो उग्र आंदोलन होगा।
राजस्थान सरकार द्वारा तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने पर जहां एक तरफ महिलाओं द्वारा मुख्यमंत्री का मुख्यमंत्री आवास में स्वागत और सम्मान किया जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर प्रदेश के बेरोजगार युवा शहीद स्मारक पर एकत्र होकर इस घोषणा का विरोध कर रहे हैं। युवाओं का कहना है कि इस घोषणा से महिलाओं को कोई खास संबल नहीं मिलेगा। जबकि युवाओं को बड़ा नुकसान होगा।
युवा नेता मनोज मीणा ने अमर उजाला के साथ खास बातचीत करते हुए कहा, सरकार को यह निर्णय वापस लेना होगा। नहीं तो उग्र प्रदर्शन पूरे राजस्थान में किया जाएगा। साथ ही मनोज मीणा ने कहा सरकार को अगर 50 प्रतिशत आरक्षण लागू करना है तो इसकी शुरुआत मंत्रिमंडल के साथ की जाए और मुख्यमंत्री अपनी कुर्सी पर किसी महिला को बैठक शुरुआत करें। युवाओं के साथ अत्याचार अब नहीं सहेंगे।
मोदी और धर्मेन्द्र प्रदान का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन
अजमेर युवा कांग्रेस द्वारा अजमेर राजकीय महाविद्यालय चौराह पर केंद्र सरकार में लगातार पेपर लीक, पेपर रद्द होने पर गुरुवार को विरोध प्रदर्शन कर मोदी सरकार के शिक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री का पुतला फूंका गया। अजमेर युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित मल्होत्रा ने बताया कि मोदी सरकार द्वारा देश में सत्ता की भूख में जगह-जगह सरकार गिराने में, धमकाने में कभी ईडी, कभी आईटी के छापे मारने में मोदी जी पीछे नहीं रहते हैं।
परंतु जब युवाओं के हित की बात होती है तो मोदी जी द्वारा नजर अंदाज कर दिया जाता है, जिसको देखते हुए पूर्व में ही नीट परीक्षा रद्द होने पर 23 लाख विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ अभी कोई भुला ही नहीं था और अब 18 जून को नेट यूजीसी की 11 लाख युवाओं को परीक्षा हुई और 19 जून को रद्द कर दी गई, जिसके विरोध में आज युवा कांग्रेस अजमेर ने नरेंद्र मोदी और केंद्र के शिक्षा मंत्री का पुतला फूंक कर विरोध प्रदर्शन किया और मोदी सरकार को ये संदेश देते हैं कि जिस NTA संस्था द्वारा लगातर हर परीक्षा में धांधली होती जा रही है, उसके बाद भी NTA संस्था पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।
युवा कांग्रेस अजमेर नरेंद्र मोदी जी से ये मांग करता है कि कोई भी युवा, विद्यार्थी किसी परीक्षा की जी जान से तैयारी करते हैं, पैसे खर्च करते हैं। परीक्षा देने के बाद उस परीक्षा को रद्द कर दिया जाता है तो उन सभी युवाओं, विद्यार्थियों की भावनाओं, उनकी तैयारी, उनके पैसे हर एक चीज के साथ खेला जाता है।
प्रदर्शन करने वालों में सुनील लारा, नोरत गुर्जर, लोकेश शर्मा, धर्मेंद्र शर्मा, पवन ओड, अखबार हुसैन, गंजेंद्र राठौर, फारूक खान दोराई, शोएब अख्तर, मनीष सेन, सुरेश्वर शैली, तोसिफ अहमद, अंकित गारू, अकबर कठात, गोविंद पंवार, मो असलम, शमसू खान, रोशन गुजर, संजय मेघवंशी, ओमप्रकाश मंडावरा, यमन टाक, सबराज खान, विक्रम चौहान, सय्यद जोएब, रवि कुमार, अंकित कुमार, दीपक कुमार, संधू, मोहित खन्ना आदि सैकड़ों संख्या में कांग्रेस और युवा कांग्रेस के पदाधिकारी उपस्थित रहे।