कृषि मंत्री डॉक्टर किरोड़ी लाल मीणा
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ओडिशा के क्योंझर जिले में सामने आई एक बेहद संवेदनशील और विचलित करने वाली घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। यहां आदिवासी युवक जीतू मुंडा अपनी मृत बहन का कंकाल कंधे पर उठाकर बैंक पहुंच गया, क्योंकि उसे अपनी बहन के खाते से पैसे निकालने के लिए “खाताधारक को उपस्थित करने” की शर्त पूरी करनी थी।
यह घटना सामने आने के बाद राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने इस घटना को सभ्य समाज के माथे पर कलंक बताया और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से तत्काल और कठोर कार्रवाई की मांग की।
डॉ. मीणा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जीतू मुंडा की पीड़ा अत्यंत दर्दनाक है और यह प्रशासनिक संवेदनहीनता का उदाहरण है। उन्होंने घोषणा की कि वे अपनी एक महीने की सैलरी जीतू मुंडा के परिवार को देंगे, ताकि इस संकट की घड़ी में उन्हें कुछ राहत मिल सके।
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दरअसल, जीतू मुंडा की बहन कालरा मुंडा की 26 जनवरी 2026 को मृत्यु हो गई थी। उसके बैंक खाते में लगभग 20 हजार रुपये जमा थे। खाते में उसके पति और बेटे को नॉमिनी बनाया गया था, लेकिन दोनों की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी। ऐसे में निकट रिश्तेदार होने के बावजूद जीतू को बैंक प्रक्रिया की जानकारी नहीं थी।
जब वह बैंक पहुंचा तो कर्मचारियों ने उससे खाताधारक को साथ लाने को कहा। निराश और असहाय जीतू ने अपनी बहन के कंकाल को कब्र से निकालकर कंधे पर उठाया और करीब तीन किलोमीटर पैदल चलकर बैंक पहुंच गया।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालते हुए जीतू को समझाया। प्रशासन ने उसे मदद का भरोसा दिया और कंकाल को पुनः दफनाया गया।