भरतपुर में राजस्थान मुख्यमंत्री जनसुनवाई केंद्र के सामने स्थित महाराजा सूरजमल स्मारक पर अनुकंपा नौकरी की मांग को लेकर राधेश्याम उर्फ गौरव फौजदार ने अर्ध भू-समाधि ली है। युवक नौकरी की मांग को लेकर के कई बार पानी की टंकी पर चढ़ चुका है। लेकिन फिर भी इसे अनुकंपा नौकरी नहीं मिल पाई है।
युवक का आरोप है कि वह पिछले तीन साल से सांसद, विधायक और जिला प्रशासन के पास दर-दर भटक रहा है। लेकिन आश्वासन के अलावा उसकी अभी तक मांग पूरी नहीं हुई है। उनके पास पेंशन के अलावा और कोई आय का साधन नहीं है। उनकी मां बीमार रहती है तो गुजारा होना मुश्किल है।यही वजह है कि उसने आखिरकार अर्ध भू-समाधि का फैसला लिया।
राधेश्याम उर्फ गौरव फौजदार ने बताया कि उसके पिता जवाहर सिंह सीआरपीएफ में थे। बात साल 1999 की है, जब वह फील्ड ऑपरेशन के लिए नीमच से राशि जाते समय उनके पिता का निधन हो गया था। लेकिन सेना के द्वारा पिता को शहीद का दर्जा नहीं दिया गया। पिता के निधन के समय मेरी उम्र तीन माह थी। लेकिन अनुकंपा नौकरी के लिए 18 साल होना जरूरी है।
साल 2019 को मेरी उम्र 18 साल हो गई। जब मैंने भर्ती देखी तो मुझे अनफिट कर दिया गया। साथ ही 2020 में सीआरपीएफ की तरफ से राज्य सरकार को एक पत्र लिखा गया, जिसमें मुझे राज्य सरकार में एलडीसी की नौकरी देने की सिफारिश की गई। मैं एलडीसी की नौकरी के लिए तैयार हो गया। लेकिन तीन साल चक्कर काटने के बाद भी राज्य सरकार ने मुझे एलडीसी की नौकरी नहीं दी। यही वजह है कि मुझे नौकरी के लिए मैं अब अर्ध भू-समाधि ली है। राधेश्याम और गौरव फौजदार का कहना है कि जब तक उसे नौकरी का ठोस आश्वासन नहीं मिल जाता, तब तक वह इसी स्थिति में रहेगा। हालांकि, युवा के द्वारा ली गई भूअर्ध-समाधि के पास पुलिस कर्मी तैनात हैं।