प्रदेश में लगातार हो रही बरसात ने जहां भाजपा सरकार की जान आफत में डाल रखी है, वहीं दूसरी तरफ उनके ही मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा के इस्तीफे को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीटर पर सरकार को घेरते हुए पोस्ट किया है। गहलोत ने लिखा है कि
प्रदेशभर में भारी बारिश एवं इससे संबंधित दुर्घटनाओं के कारण 25 से अधिक जानें जा चुकी हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसी आपदा की स्थिति में राज्य के आपदा राहत मंत्री के बारे में जनता को यह भी नहीं पता कि वे पद पर हैं या उनका इस्तीफा स्वीकार हो गया है।
उन्होंने लिखा है कि मुख्यमंत्री को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, जिससे उचित मॉनिटरिंग एवं राहत बचाव कार्यों के लिए निर्देशन मिल सके। विकट परिस्थितियों में ऐसी असमंजस की स्थिति राज्य की जनता के साथ छलावे जैसा है।
गहलोत के इस ट्वीट से राजस्थान की राजनीति में हलचल का माहौल बन गया है, एक तरफ डॉ. मीणा हैं, जो इस्तीफा देकर अपनी ओर से इतिश्री कर चुके है परंतु सरकार द्वार उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है। अब अशोक गहलोत के ट्वीट के बाद यदि सरकार आपदा प्रबंधन का प्रभार किसी और मंत्री को देती है तो पूर्वी राजस्थान में एक बड़ा समुदाय भाजपा से छिटक सकता है और नहीं देती है तो विपक्ष इस आपदा को अवसर के रूप में इस्तेमाल करके सरकार को घेरता हुआ नजर आ रहा है।