मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को जयपुर के नाहरगढ़ में टाइगर सफारी का फीता काटकर लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने पूर्व सीएम अशोक गहलोत के सरकार नहीं सर्कस वाले बयान पर पलटवार किया। भजनलाल शर्मा ने कहा, गहलोत ने पांच साल सर्कस ही किया है। इन पांच साल में कभी होटल तो कभी ऐसे रहे, इसलिए उन्हें सर्कस दिखता है।
भजनलाल ने कहा, आज कल वह सोशल मीडिया पर बहुत बातें लिख रहे हैं। मैं उनको याद दिलाना चाहता हूं कि 10 महीने पीछे चले जाएं और अपनी उन बातों को याद करें। सीएम ने कहा, आदमी जब किसी की तरफ अंगुली करता है तो चार अंगुली उसकी तरफ हो जाती है, तो वह इस बात का ध्यान रखें।
क्या बोले थे गहलोत
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पिछले दिनों जोधपुर में बयान दिया था कि राज्य में सरकार नहीं बल्कि सर्कस चल रहा है। जहां एक मंत्री इस्तीफा दे रहे हैं तो कोई उन्हें मनाने में लगा है। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार पूरी तरह से विफल है। डेंगू से अधिकारी और आम लोग मर रहे हैं। इस दौरान गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर भी हमला बोला था। उन्होंने कहा कि उन्हें अब दिल्ली आना-जाना बंद कर देना चाहिए और प्रदेश की जनता का ध्यान रखना चाहिए।
टाइगर सफारी के उद्घाटन के बाद उन्होंने कहा कि अब वन्य जीव प्रेमी टाइगर सफारी का आनंद ले सकेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने नाहरगढ़ जैविक उद्यान में दो बाघ शावकों का नामकरण भी किया। मुख्यमंत्री ने मादा बाघ शावक का नाम ‘स्कंदी’ तथा नर बाघ शावक का नाम ‘भीम’ रखा।
सीएम शर्मा ने प्रदेशवासियों को दो से आठ अक्तूबर तक मनाए जा रहे वन्य जीव सप्ताह की बधाई देते हुए कहा कि वन्य जीवों की रक्षा तथा प्रकृति को संजोए रखना हम सभी का कर्तव्य है। इस वन्यजीव सप्ताह में विद्यार्थियों को बायोलॉजिकल पार्कों में निःशुल्क प्रवेश दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वन विभाग और जेडीए के संयुक्त प्रयासों से आज शुरू हो रहे टाइगर सफारी से प्रदेश में पर्यटन को एक नई शुरूआत मिली है। साथ ही, इससे बाघों के संरक्षण एवं संवर्धन को भी बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान वन्यजीवों के संरक्षण, संवर्धन पर विशेष जोर दे रहा है। प्रदेश में तीन नेशनल पार्क, 26 अभयारण्य, 36 कन्जर्वेशन रिजर्व तथा चार बायोलॉजिकल पार्क विकसित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा निरंतर किए जा रहे बाघों के संरक्षण के प्रयासों से उनकी आबादी बढ़ रही है। राजस्थान राज्य में लगभग 130 बाघ हैं। उन्होंने कहा कि जेडीए ने जयपुर जिले में दो नए पार्क विकसित किए हैं, जिसमें जीरोता में नगर वन एवं नेवटा के पास बायोडायवर्सिटी पार्क शामिल हैं। इससे आसपास की पांच लाख की आबादी लाभान्वित होगी।
सीएम शर्मा ने अधिकारियों को नाहरगढ़ जैविक उद्यान में रोशनी एवं वन्यजीवों के लिए पानी तथा उद्यान के समुचित रख-रखाव के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। इससे पहले शर्मा ने परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत वृक्षारोपण किया। उन्होंने इस दौरान विभिन्न स्कूलों से जैविक उद्यान में भ्रमण हेतु आए बच्चों से मुलाकात भी की।
सात किलोमीटर के ट्रैक में वन्यजीव प्रेमी निहारेंगे बाघ को
राज्य सरकार द्वारा 453 लाख रुपये की लागत से 30 हेक्टेयर में टाइगर सफारी विकसित की गई है। इस टाइगर सफारी में सात किलोमीटर का सफारी ट्रैक विकसित किया गया है। यह सफारी सैलानियों को प्राकृतिक वातावरण में बाघों की खूबसूरती को अनुभव करने का अवसर देगी तथा लोगों में बाघ संरक्षण के बारे में जागरुकता का प्रसार होगा। उल्लेखनीय है कि नाहरगढ़ वन्य जीव अभयारण्य पांच हजार 240 हेक्टेयर में फैला हुआ है, जिसमें नाहरगढ़ जैविक उद्यान 720 हेक्टेयर में विकसित किया गया है। इसमें पहले से ही लॉयन सफारी स्थापित है।