आज सचिवालय में आरटीडीसी और हुडको की एक बैठक में 415 करोड़ रुपये के एक एमओयू पर साइन किए गए। उपमुख्यमंत्री और पर्यटन मंत्री दीया कुमारी तथा शासन सचिव पर्यटन रवि जैन की उपस्थिति में राजस्थान पर्यटन विकास निगम और हुडको की ओर से सचिवालय में आरटीडीसी की प्रबंध निदेशक सुषमा अरोड़ा एवं हुडको के क्षेत्रीय प्रमुख सुधीर भटनागर के मध्य 415 करोड़ रुपये के ऋण हेतु इस एमओयू का आदान-प्रदान किया गया।
दीया कुमारी ने इस एमओयू की जानकारी देते हुए कहा कि आज हुडको से 9.12% की ब्याज दर पर 415 करोड़ रुपये के दीर्घकालीन लोन के एमओयू आदान-प्रदान किया गया है। राजस्थान में पर्यटन के क्षेत्र में विकास की असीम संभावनाएं हैं। इन संभावनाओं पर अभी बहुत काम किया जाना है। उन्होंने कहा कि हुडको के साथ हुए आज के एमओयू से पर्यटन विकास के लिए वित्तीय संबल मिलेगा और राजस्थान में पर्यटन विकास और गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विजन विकसित भारत बनाने का है। इसी में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का विकसित राजस्थान बनाने का विजन है। जिसमें पर्यटन की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है। हमारी डबल इंजन की सरकार है केन्द्र सरकार के साथ मिलकर राज्य सरकार प्रदेश का विकास करेगी,पर्यटन का विकास करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य के तीर्थ स्थलों, स्मारकों,नये डेस्टीनेशन्स को और अच्छा बनाने के लिए कार्य किए जाएंगे। राजस्थान आने वाले पर्यटकों का अनुभव शानदार हो इसके लिए हमारा प्रयास होगा।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राइजिंग राजस्थान हमारे लिए एक बेहतर अवसर है। पर्यटन की दिशा में हम बहुत आगे बढ़ने वाले हैं। राइजिंग राजस्थान से पर्यटन के क्षेत्र में नया निवेश होगा तथा राजस्थान को पर्यटन क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाने के प्रयास सार्थक होंगे।
हुडको के क्षेत्रीय प्रमुख सुधीर भटनागर इस अवसर पर कहा कि उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी के नेतृत्व में राजस्थान में पर्यटन विकास के लिए बेहतरीन काम हो रहे हैं। राजस्थान में सड़कों और आधारभूत सुविधाओं के साथ पर्यटन विकास के बहुत अच्छे कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी के निर्देशों पर आगे बढ़ते हुए आज एमओयू हुआ है, इससे राजस्थान में पर्यटन का तेजी से विकास होगा।
आरटीडीसी होटल के नवीनीकरण का कार्य तथा पर्यटक स्थलों और पर्यटन के क्षेत्र में अच्छी सुविधाओं का विकास महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ऋण स्थगन अवधि 2 वर्ष की होगी, इसके बाद मूल राशि का पुनर्भुगतान शुरू होगा।