चाकसू (जयपुर) से विधायक वेदप्रकाश सोलंकी को चेक बाउंस के मामले में कोर्ट ने एक साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सोलंकी पर 55 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जानकारी के मुताबिक, सोलंकी की खिलाफ रिटायर्ड पीटीआई ने केस किया था।
यह फैसला बहरोड़ ACJM-3 न्यायाधीश निखिल सिंह ने सुनाया है। बता दें कि कोर्ट ने करीब आठ साल पुराने मामले में यह फैसला सुनाया है। उस समय विधायक सोलंकी बानसूर में प्रॉपर्टी का काम करते थे। प्लॉट दिलाने के नाम पर रिटायर्ड पीटीआई से 35 लाख रुपये नगद लिए थे। मामले को लेकर अपील करने के लिए सोलंकी को एक महीने का समय मिलेगा। अगर अपील खारिज होती है तो सजा के साथ ही पीड़ित को राशि भी लौटानी पड़ेगी।
मामला कोर्ट में पहुंचने के आठ महीने बाद सोलंकी ने खुद के बचाव में आठ जुलाई 2016 को धोखाधड़ी से चेक हड़पने का मामला दर्ज कराया था। इस पर मुकदमा नंबर 590/16 प्रतापनगर जयपुर थाने में अभी लंबित है। प्रताप नगर पुलिस ने बहरोड़ कोर्ट में मूल चेक लेने के लिए प्रार्थना पत्र भी पेश किया। मामले को बढ़ता देख नौ अक्तूबर 2019 को विधायक सोलंकी ने मोहर सिंह के साथ समझौता कर राजीनामा किया। स्टांप पेपर पर 24 लाख रुपये लौटाने पर समझौता हुआ था। यह स्टांप पेपर कोर्ट में भी पेश किया गया था। इसमें तीन महीने में सोलंकी द्वारा रुपये नहीं लौटाने पर कानूनी प्रक्रिया जारी रखने की बात कही गई थी।
समझौते के तीन महीने बाद सोलंकी ने मोहर सिंह को रुपये वापस नहीं लौटाए। ऐसे में कोर्ट ने राशि जमा कराने के आदेश दिए। चार नवंबर 2023 को 27 लाख 31 हजार 194 का बैंक ड्राफ्ट से कोर्ट में अमानत राशि जमा करवा दी थी। इसके बाद बाकी राशि सोलंकी द्वारा जमा नहीं करवाई गई। कोर्ट में 125 तारीखों में मामले की सुनवाई हुई।
कोर्ट ने सुनवाई करते हुए विधायक वेदप्रकाश सोलंकी को एक साल के साधारण कारावास और 55 लाख रुपये के आर्थिक दंड की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं चुकाने पर छह महीने सजा बढ़ जाएगी।
मामले को लेकर अन्य कोर्ट में अपील करने के लिए सोलंकी को एक महीने का समय मिलेगा। अगर अपील खारिज होती है तो सजा के साथ ही पीड़ित को राशि भी लौटानी पड़ेगी।