राजस्थान विधानसभा में शनिवार को उच्च शिक्षा की अनुदान मांगों पर बोलते हुए RLD विधायक सुभाष गर्ग ने कुलपतियों की नियुक्ति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई कुलपति गड़बड़ियों में लिप्त हैं, उनके दोषी साबित होने के बावजूद उन्हें क्यों संरक्षण मिलता है, इस पूरी व्यवस्था में सुधार किया जाना चाहिए।
RLD विधायक सुभाष गर्ग ने शनिवार को विधानसभा में कुलपतियों की नियुक्ति को लेकर कई बड़े आरोप लगाए। उच्च शिक्षा विभाग की अनुदान मांगों पर बहस में बोलते हुए गर्ग ने कहा कि विश्वविद्यालयों में कुलपति जमकर मनमानी कर रहे हैं। अधिकांश कुलपति यूपी से आते हैं। उन्होंने कहा कि कुलपतियों के खिलाफ खूब शिकायतें हैं, कई कुलपति गड़बड़ियों में लिप्त हैं। यही नहीं उनके दोषी साबित होने के बावजूद उनको क्यों संरक्षण मिलता है, इस पूरी व्यवस्था में सुधार किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आप किसी भी विश्वविद्यालय में देख लीजिए, वहां आपको गड़बड़ियां मिलेंगी। राजस्थान में फर्जी डिग्री के मामलों का जिक्र करते हुए गर्ग ने कहा कि प्रदेश में कई विश्वविद्यालय फर्जी डिग्रियां बांटने में लिप्त हैं। हाल ही में ऐसे 7 विश्वविद्यालयों को ब्लैक लिस्ट किया गया है, जो विश्वविद्यालय की फर्जी डिग्रियां बांट रहे हैं, ऐसे सभी विश्वविद्यालयों को बंद किया जाना चाहिए। गर्ग ने कहा कि नई शिक्षा नीति में इंटरडिसिप्लिनरी एप्रोच अपनाई जाएगी। क्या हमारे विश्वविद्यालय और कॉलेज उसे अडॉप्ट करने की क्षमता रखते हैं।
भरतपुर में विश्वविद्यालय की मांग
गर्ग ने भरतपुर संभाग में विश्वविद्यालय खोले जाने की मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि राजस्थान में भरतपुर एकमात्र ऐसा संभाग है, जहां एक भी विश्वविद्यालय नहीं है जबकि शेष सभी संभागों में 2 या इससे भी अधिक विश्वविद्यालय हैं।