बहना ने भाई की कलाई पर प्यार बांधा है। सदाबहार फिल्मी गीतों को भले ही लोग सुबह से घरों में म्यूज़िक प्लेयर पर बजा रहे हैं। लेकिन बहन-भाई के स्नेह और प्रेम के पर्व राखी पर इस बार भद्रा का साया है। इसलिए रक्षा का बंधन यानी राखी रात 9.02 बजे से ही मुहूर्त के अनुसार मनाई जाएगी।
आज और कल पूर्णिमा तिथि दो दिन की होने के कारण रक्षाबंधन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। जिसे धर्म शास्त्रियों और पुजारी परिषद में स्पष्ट कर दूर कर दिया है। शास्त्र के अनुसार उदित तिथि को ही श्रेष्ठ माना जाता है। पूर्णिमा तिथि आज 30 अगस्त को शुरू होकर 31 अगस्त सूर्योदय तक रहेगी। ज्योतिषियों के मत अनुसार 30 अगस्त को राखी पर भद्रा लगी हुई है। रात 9 बजे भद्रा समाप्ति के बाद रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा। जयपुर समेत प्रदेशभर के मंदिरों में भी रक्षाबंधन आज ही मनाया जाएगा। इसके बाद शयन आरती होगी।