सीएम अशोक गहलोत ने राजपूत समाज के प्रतिनिधिमंडल से कहा कि प्रदेश में महाराणा प्रताप, वीर दुर्गादास और राणा हम्मीर के पैनोरमा के निर्माण, 75 करोड़ की लागत से शहीद मेजर शैतान सिंह की स्मृति में म्यूजियम बनाने, अचल सम्पत्ति के प्रावधान का विलोपन कर आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण, ईडब्ल्यूएस श्रेणी के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के आवेदन शुल्क और अधिकतम आयु में छूट देने जैसे निर्णय लिए गए हैं। गहलोत ने कहा कि साल 2030 तक राजस्थान को देश का प्रथम राज्य बनाना राज्य सरकार का ध्येय है। प्रदेश में कर्मचारियों के लिए ओपीएस और आरजीएचएस जैसी योजनाएं लागू की गई हैं।
सीएम बोले, कानून बनाकर स्वास्थ्य का अधिकार देने वाला राजस्थान पहला राज्य है। केन्द्र सरकार को भी कानून बनाकर स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के अधिकार देने और ओपीएस लागू करने जैसे निर्णय लेने चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 303 नए कॉलेज, हर जिले में मेडिकल कॉलेज तथा देश की प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थाएं खुलने जैसे निर्णयों से शिक्षा के क्षेत्र में राजस्थान अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। आज राज्य में लागू योजनाएं पूरे देश में चर्चा का विषय हैं और अन्य राज्य भी इनका अनुसरण कर रहे हैं।
'जनहितैषी योजनाओं के माध्यम से आमजन को राहत दी जा रही'
इस अवसर पर आरटीडीसी चेयरमेन धर्मेन्द्र राठौड़ ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा जनहितैषी योजनाओं के माध्यम से आमजन को राहत दी जा रही है। प्रदेश की लोकतांत्रिक संस्थाओं में समाज का उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है। वीर योद्धाओं के पैनोरमा का निर्माण कर प्रदेश का गौरवशाली इतिहास संरक्षित किया जा रहा है।
कार्यक्रम में करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेडी, श्री क्षात्र पुरूषार्थ फाउण्डेशन के संयोजक यशवर्धन सिंह झेरली, राजपूत सभा जयपुर के महामंत्री बलवीर सिंह हाथोज, मारवाड़ राजपूत महासभा जोधपुर के अध्यक्ष हनुमान सिंह खांगटा, राजपूत युवा परिषद के अध्यक्ष करण राठौड़, जय राजपूताना संघ के अध्यक्ष भंवर सिंह रेटा, पूर्व विधायक रणवीर सिंह गुढ़ा, देवेन्द्र सिंह बूटाटी, बीनू बाईसा कंवर सहित बड़ी संख्या में प्रतिनिधिमंडल के सदस्य उपस्थित रहे।