Rajasthan News: भीषण गर्मी और हीटवेव के चलते राजस्थान में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। 1 मई से 27 मई के बीच बिजली खपत 35% बढ़कर 2,860 लाख यूनिट से 3,850 लाख यूनिट हो गई, जबकि पीक डिमांड 17,333 मेगावाट दर्ज की गई।
राजस्थान में भीषण गर्मी और लगातार पड़ रही हीटवेव के कारण बिजली की खपत में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मई की शुरुआत से लेकर महीने के अंतिम सप्ताह तक बिजली की मांग में करीब 35 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। 1 मई को जहां प्रदेश में बिजली की खपत 2,860 लाख यूनिट थी, वहीं 27 मई तक यह बढ़कर लगभग 3,850 लाख यूनिट पहुंच गई। यानी एक महीने से भी कम समय में बिजली खपत में करीब 990 लाख यूनिट की वृद्धि दर्ज हुई।
मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर बना सहारा
राज्य सरकार का दावा है कि पिछले वर्षों में ट्रांसमिशन और वितरण नेटवर्क को मजबूत करने का फायदा अब मिल रहा है। अब तक 33 केवी क्षमता के 444 नए सब-स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि 211 अन्य पर काम जारी है। इसके अलावा 59 नए ग्रिड सब-स्टेशन शुरू किए गए हैं और 145 परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। गर्मी से होने वाली ट्रिपिंग और तकनीकी खराबियों को रोकने के लिए ट्रांसफॉर्मर क्षमता में 13,473 एमवीए की बढ़ोतरी की गई है। साथ ही 4,815 फीडरों का विभाजन और करीब 5,000 सर्किट लाइनों का विस्तार किया गया है।
शिकायतों में भी कमी
बिजली वितरण कंपनियों के अनुसार शिकायत निवारण व्यवस्था मजबूत होने से उपभोक्ता शिकायतों में भी कमी आई है। अप्रैल-मई 2025 की तुलना में इस वर्ष इसी अवधि में बिजली बाधित होने संबंधी शिकायतें करीब 41 हजार कम दर्ज की गई हैं। ऊर्जा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में गर्मी का असर अभी जारी है और आने वाले दिनों में भी बिजली मांग ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती है। ऐसे में सभी डिस्कॉम्स को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलती रहे।