बेनीवाल के समर्थन में उतरे संयम लोढ़ा
- फोटो : अमर उजाला
आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल के विवादित बयान को लेकर जारी सियासी घमासान के बीच पूर्व विधायक संयम लोढ़ा भी उनके समर्थन में खुलकर सामने आए हैं। लोढ़ा ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बेनीवाल द्वारा सरकार की कार्यशैली पर की गई टिप्पणी से भाजपा नेताओं का तिलमिलाना स्वाभाविक है लेकिन सरकार को पहले अपने कार्यकाल का आत्ममूल्यांकन करना चाहिए।
अपने बयान में संयम लोढ़ा ने कहा कि यदि भाजपा नेताओं को बेनीवाल की टिप्पणी पर आपत्ति है तो उन्हें यह भी बताना चाहिए कि पिछले ढाई वर्षों में राज्य सरकार ने ऐसा कौन-सा उल्लेखनीय कार्य किया है, जिस पर जनता गर्व कर सके। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अब तक कॉलेज और विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव नहीं करा सकी है, जबकि पंचायत और नगर पालिका चुनाव भी लंबे समय से लंबित हैं।
लोढ़ा ने राज्य सरकार की प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में कई ऐसे घटनाक्रम सामने आए हैं, जिन्होंने सरकार की कार्यकुशलता पर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। उन्होंने जैसलमेर में बड़ी संख्या में गायों की मौत का मामला उठाते हुए इसे सरकार की संवेदनहीनता का उदाहरण बताया। साथ ही आरोप लगाया कि कभी मंत्री जिला कलेक्टरों से विवाद करते हैं तो कभी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ टकराव की स्थिति बन जाती है।
ये भी पढ़ें: Rajasthan News: होटल और रेस्टोरेंट के लिए नई लाइसेंस फीस नीति लागू, कैटेगरी में बड़ा बदलाव
पूर्व विधायक ने हाल ही में सहकारिता राज्य मंत्री और एक पुलिसकर्मी के बीच हुए विवाद का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं सरकार की कार्यशैली और जनप्रतिनिधियों के आचरण पर सवाल खड़े करती हैं, जिससे सरकार की छवि प्रभावित हो रही है।
संयम लोढ़ा ने कहा कि बेनीवाल के बयान पर जनता की प्रतिक्रिया को भाजपा को गंभीरता से लेना चाहिए। उनके अनुसार बड़ी संख्या में लोगों द्वारा उस टिप्पणी का समर्थन किया जाना प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों और जनता के बदलते मूड का संकेत है।
उन्होंने दावा किया कि राज्य में सरकार के प्रति असंतोष बढ़ रहा है और यदि भाजपा ने समय रहते जनता की भावनाओं को नहीं समझा, तो आने वाले समय में उसे राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। लोढ़ा के इस बयान के बाद बेनीवाल के भाषण को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद और तेज होने की संभावना है।