पायलट की जनसंघर्ष यात्रा का पोस्टर जारी
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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से सियासी लड़ाई लड़ रहे राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम, पूर्व पीसीसी चीफ और मौजूदा कांग्रेस विधायक सचिन पायलट अब कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से भी सीधे-सीधे अदावत लेते नजर आ रहे हैं। कर्नाटक चुनाव से एक दिन पहले प्रेसवार्ता कर कांग्रेस को बैकफुट पर लाने, राहुल गांधी के राजस्थान में माउंटआबू दौरे के दिन नौ मई को सीएम अशोक गहलोत और कांग्रेस की राज्य सरकार को घेरने के बाद कर्नाटक में मतदान से पहले अपनी जन संघर्ष यात्रा का वीडियो और पोस्टर भी जारी कर दिया है। सचिन पायलट ने अपने फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया के ऑफिशल पेज पर वीडियो अपलोड किया है, जिसमें लगाए गए पोस्टर में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा तीनों की फ़ोटो नहीं लगाई गई है। पायलट ने ऐसा जानबूझकर, सोच-समझकर और इंटेंशनली किया है।
बता दें कि सचिन पायलट ने 11 मई को अजमेर में आरपीएससी से जन संघर्ष पैदल यात्रा शुरू कर राजधानी जयपुर तक निकालने का एलान किया है। यह यात्रा पांच दिन में जयपुर आकर 15 मई को पूरी होगी। प्रदेश में भ्रष्टाचार, आरपीएससी भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और युवाओं के मुद्दों पर पायलट इस यात्रा के जरिए अपनी ही कांग्रेस पार्टी की अशोक गहलोत सरकार को घेरेंगे। इससे पहले पायलट ने जयपुर के शहीद स्मारक पर 11 अप्रैल तारीख को ही एक दिन का अनशन किया था।
पोस्टर में नेहरू, इंदिरा गांधी, सोनिया गांधी की तस्वीरें लगाईं, राहुल और प्रियंका गांधी की हटाई...
पायलट ने बुधवार रात अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस जन संघर्ष यात्रा का एक वीडियो जारी किया जारी है, जिसमें नौ मई की प्रेसवार्ता के दौरान दिए उनके बयानों को एडिट करके लगाया गया है। जन संघर्ष यात्रा का लोगों दिया गया है। साथ ही इस वीडियो के आखिर में एक पोस्टर दर्शाया गया है, जिसमें महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव अंबेडकर, शहीद भगत सिंह दिवंगत, पूर्व पीएम पंडित जवाहरलाल नेहरू, गांधी परिवार से पूर्व पीएम इंदिरा गांधी और यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी की कुल छह तस्वीरें लगाई गई हैं। साथ ही सचिन पायलट ने अपनी एक बड़ी तस्वीर लगाई है। लेकिन पोस्टर में कांग्रेस के मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की फोटो नहीं लगाई गई है। इससे पायलट ने सीधे-सीधे यह मैसेज देने की कोशिश की है कि अब सोनिया गांधी को वह फॉलो कर रहे हैं, लेकिन राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को नहीं। सोनिया गांधी को ही सचिन पायलट ने अपना नेता मान कर उनकी तस्वीर लगाई है। जबकि अब तक सचिन पायलट के हर बड़े कार्यक्रम में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की तस्वीरें जरूर रहती थीं।
कांग्रेस का चुनाव चिन्ह पंजे का निशान, लेकिन पायलट ने पंजा बंद कर दिखाई मुट्ठी...
सचिन पायलट ने जन संकल्प यात्रा के पोस्टर में कांग्रेस के चुनाव चिन्ह पंजे के निशान की जगह अपनी मुट्ठी बंद करके खिंचवाई गई फोटो लगाई है। इससे भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि पायलट क्या सियासी संकेत देने की कोशिश कर रहे हैं। राजस्थान में कांग्रेस पार्टी चुनाव मोड़ पर चल रही है और चुनावी वक़्त में जन संघर्ष यात्रा के पोस्टर में राहुल और प्रियंका गांधी के साथ पार्टी अध्यक्ष खरगे की फोटो न होना और कांग्रेस का चुनाव चिन्ह नहीं होना भी कई सवाल खड़े कर रहा है। अगर सचिन पायलट की नाराजगी सिर्फ अशोक गहलोत से है तो राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को क्यों दरकिनार किया गया है। सवाल यह भी खड़ा हो रहा है कि क्या अब राहुल और प्रियंका गांधी में भी पायलट को भरोसा नहीं रहा या उन्हें अब वह अपना नेता नहीं मानते हैं। क्या राहुल और प्रियंका गांधी की ओर से किया गया वादा पूरा नहीं होने के कारण पायलट ने यह नाराजगी जाहिर की है?
जयपुर के उपवास के पोस्टर में थी सिर्फ महात्मा गांधी की तस्वीर...
इससे पहले 11 अप्रैल को सचिन पायलट ने जब राजधानी जयपुर में शहीद स्मारक पर एक दिन का उपवास किया था, तब उसके बैकग्राउंड पोस्टर में सिर्फ महात्मा गांधी की तस्वीर रखी गई थी। तब कई कांग्रेस नेताओं ने कहा था कि पायलट का उपवास वसुंधरा सरकार के कथित घोटालों और भ्रष्टाचार के खिलाफ है, तो कांग्रेस के किसी नेता की तस्वीर पोस्टर में क्यों नहीं लगाई गई?