फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajasthan News : एसआई भर्ती परीक्षा रद्द होगी या नहीं, समिति की बैठक में आज होगा महत्वपूर्ण फैसला

Mon, 07 Oct 2024 12:13 PM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

एसआई परीक्षा में पेपर लीक का खुलासा होने के बाद आज एक अहम बैठक होने वाली है, जिसमें परीक्षा रद्द करने या नहीं करने के बारे में निर्णय लिया जाएगा। मामला गर्माने के बाद सरकार ने इस संबंध में 6 मंत्रियों की एक समिति का गठन किया था।
विज्ञापन
राजस्थान सचिवालय - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजस्थान एसआई भर्ती परीक्षा 2021 में पेपर लीक मामले के बाद आज अहम बैठक होगी। पेपर लीक का खुलासा होने के बाद सरकार ने 6 मंत्रियों की एक समिति का गठन किया था, जो इस मामले की समीक्षा कर आगे की कार्रवाई की सिफारिश करेगी। इस समिति की पहली बैठक आज सचिवालय में आयोजित होने वाली है। समिति की सिफारिशों के बाद सरकार परीक्षा रद्द करने या अन्य कोई कदम उठाने का निर्णय लेगी।

विज्ञापन


पेपर लीक का मामला

एसआई भर्ती परीक्षा 2021 के पेपर लीक मामले में राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा की संलिप्तता सामने आई थी। जांच एजेंसी एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) की पूछताछ में खुलासा हुआ कि कटारा ने पेपर लीक किया था, जो बाद में रामूराम राईका द्वारा अपने बेटे देवेश और बेटी शोभा को उपलब्ध कराया गया। इस मामले के गर्माने के बाद सरकार ने 6 मंत्रियों की समिति का गठन किया, ताकि परीक्षा रद्द करने या अन्य कार्रवाई के लिए सिफारिशें दी जा सकें।

समिति की संरचना

समिति का संयोजक संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल को बनाया गया है। अन्य सदस्यों में स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा, जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म और सार्वजनिक निर्माण राज्यमंत्री मंजू बाघमार शामिल हैं। समिति इस मामले में गहन समीक्षा करेगी और आगे की कार्रवाई के लिए सरकार को अनुशंसा देगी।
विज्ञापन


परीक्षा रद्द करने पर मतभेद

डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने परीक्षा रद्द करने की मांग की है लेकिन इसके विरोध में कई सामाजिक संगठनों ने सरकार से इसे निरस्त न करने का आग्रह किया है। राजपूत और जाट समाज सहित विभिन्न संगठनों ने सरकार को पत्र लिखकर कहा कि पेपर लीक में केवल 5% उम्मीदवार दोषी हैं, बाकी 95% निर्दोष अभ्यर्थियों को इसकी सजा नहीं मिलनी चाहिए। उनका तर्क है कि परीक्षा रद्द करने से अन्याय होगा और बेरोजगार युवाओं के भविष्य पर नकारात्मक असर पड़ेगा। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि समिति की सिफारिशों के बाद बैठक में क्या निर्णय लिया जाता है?

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें