प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी में सरकार के चेहरे माने जाने वाले महकमों में जल्द ही बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। भजनलाल सरकार शीर्ष ब्यूरोक्रेसी के तबादलों की तैयारी कर चुकी है। यह सूची मुंबई रोड शो में जाने से पहले ही तैयार हो चुकी थी। अब एक-दो दिन में इसे जारी किया जा सकता है। राजस्थान में ब्यूरोक्रेसी के तबादलों को लेकर नई सरकार पर लगातार सवाल खड़े हो रहे थे कि पिछली सरकार के कार्यकाल में जो अफसर अहम पदों पर जमे थे, उन अफसरों को सरकार हटा नहीं पा रही है।
हाल में पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने एक ट्वीट कर इन चर्चाओं को और हवा दे दी थी। अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा था कि आज सरकार के करीब 8 महीने हो जाने के बाद भी सरकार चलाने वाले प्रमुख पदों पर हमारी सरकार के समय लगाए गए अधिकारी ही काबिज हैं। यह दिखाता है कि हमारी सरकार द्वारा की गई नियुक्तियां पूरी तरह उचित थीं एवं भाजपा के आरोप पूरी तरह गलत साबित हुए हैं।
गौरतलब है कि राजस्थान की ब्यूरोक्रेसी में करीब 100 से ज्यादा अफसर पिछली सरकार के समय से ही अहम पदों पर जमे हुए हैं। इनमें सरकार का चेहरा माने जाने वाले वित्त विभाग, गृह विभाग, कार्मिक विभाग भी शामिल हैं। पिछली सरकार में साइड लाइन रहा ब्यूरोक्रेसी का एक धड़ा इस इंतजार में है कि नई सरकार में उन्हें भी अहम पदों पर काम करने का मौका दिया जाएगा। तबादलों को लेकर सुगबुगाहट काफी समय से चल रही थी लेकिन अब ज्यादातर महकमों में शीर्ष अफसरों ने ट्रांसफर की आस में काम की रफ्तार को कम कर दिया है। चर्चा है कि 2 सितंबर के आसपास ब्यूरोक्रेसी में बड़ा रिशफल हो सकता है।
दो पॉवर सेंटरों में उलझ रही थी सूची
राजस्थान के सियासी गलियारों में दो पॉवर सेंटरों की चर्चा काफी समय से चल रही है। ब्यूरोक्रेसी में भी दबी जुबान से इसकी चर्चाएं होती हैं। पूर्व सीएम अशोक गहलोत तो मुख्य सचिव सुधांशु पंत को सुपर सीएम तक बता चुके हैं। ट्रांसफर लिस्ट के आने की चर्चाएं पिछले काफी दिनों से चल रही हैं। राजस्थान में बजट सत्र की समाप्ति के बाद से ही आईएएस की ट्रांसफर लिस्ट का इंतजार किया जा रहा है। इस लिस्ट के आने के बाद ही विभागों में कर्मचारियों के ताबदले भी खुलेंगे लेकिन शीर्ष अफसरों के प्रभाव के चलते यह लिस्ट बार-बार अटक रही थी।