भाजपा विधायक कंवरलाल मीणा ने आज कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। उन्हें हाईकोर्ट ने एक मामले में 3 साल की जेल की सजा सुनाई है। हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ मीणा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने 7 मई को इस याचिका को खारिज करते हुए कंवरलाल मीणा को कोर्ट में सरेंडर करने के आदेश दे दिए थे लेकिन कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर अब बीजेपी और विधानसभा अध्यक्ष को घेर रही है। कांग्रेस आरोप लगा रही है कि स्पीकर कंवरलाल मीणा के मामले में पक्षपात कर रहे हैं।
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मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की अगुवाई में कांग्रेस का प्रतिनिधि मंडल स्पीकर से मिला और कंवरलाल मीणा की सदस्यता समाप्त किए जाने को लेकर उन्हें ज्ञापन दिया। इस ज्ञापन में कांग्रेस ने लिखा था कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद भी स्पीकर ने कंवरलाल मीणा की सदस्यता समाप्त नहीं की है। ज्ञापन में कहा गया है कि विधानसभा की गरिमा बचाने के लिए उन्हें कंवरलाल मीणा की सदस्यता को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर देना चाहिए।
वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि स्पीकर का रवैया हर मामले में पक्षपातपूर्ण है। उन्होंने कहा कि संसद में राहुल गांधी की सदस्यता समाप्त करने में बीजेपी ने एक पल की भी देरी नहीं की लेकिन यहां कोर्ट का आदेश आने के इतने दिनों के बाद भी स्पीकर ने कोई निर्णय नहीं लिया।