गहलोत सरकार के समय प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए शुरू की गई RGHS योजना पर संकट मंडराने लगा है। योजना के तहत दवा सप्लाई करने वाले केमिस्टों का आरोप है कि सरकार महीनों से उनके भुगतान नहीं कर रही है। इसी के चलते मंगलवार और बुधवार को राजस्थान भर में आरजीएचएस में दवाएं नहीं दी जाएंगी।
प्रदेश के 8 लाख कर्मचारियों और करीब 4 लाख पेंशनर्स के लिए शुरू की गई आरजीएचएस स्कीम अब पैसे की कमी के चलते हिचकोले खा रही है। योजना में कर्मचारी मेडिकल स्टोर से दवा लेता है और बदले में राज्य सरकार उस मेडिकल स्टोर को बिल का भुगतान करती है लेकिन केमिस्ट एसोसिएशन का आरोप है कि नवंबर के बाद के बिलों का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। इस संबंध में वे कई बार सरकार में ज्ञापन भी दे चुके हैं। ऐसे में अब विरोध प्रदर्शन के लिए प्रदेश में 2 दिन के लिए RGHS के तहत दवा सप्लाई नहीं की जाएगी।
एसएमएस में RGHS के बोर्ड हटाए
केमिस्ट एसोसिएशन के अजय अग्रवाल ने कहा कि राजस्थान में RGHS के तहत 3500 दुकानें पंजीकृत हैं लेकिन समय पर भुगतान नहीं होने से ज्यादातर केमिस्ट अब इस योजना में दवा सप्लाई नहीं कर रहे हैं। इस संबंध में एसएमएस अस्पताल और इसके आसपास के केमिस्टों ने RGHS के बोर्ड अपनी दुकानों से हटा लिए हैं।
अजय अग्रवाल का कहना है कि योजना में 21 दिन में केमिस्ट को भुगतान किए जाने का प्रावधान रखा गया था लेकिन नवंबर के बाद से इसका कोई भुगतान नहीं किया गया है। कई केमिस्ट भविष्य में संशय की स्थिति को लेकर भी इस योजना से नहीं जुड़े रहना चाहते हैं, इसके अलावा बिलों का रिजेक्शन भी एक बड़ा मुद्दा है।