राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को बंदरों के आतंक का मुद्दा उठा। कांग्रेस विधायक मनीष यादव ने सदन में नियम 50 के तहत इस विषय को उठाया। इस पर स्पीकर वासुदेव देवनानी ने इसे पूरे राज्य की समस्या बताया। उन्होंने सरकार को निर्देश दिए कि इस मामले में उचित कार्रवाई करे।
टाइगर सेंचुरी सरिस्का के पास स्थित शाहपुरा विधानसभा में बंदरों का आतंक इस कदर बढ़ चुका है कि अब विधानसभा में भी इसकी गूंज सुनाई देने लगी है। शाहपुरा विधायक मनीष यादव ने शुक्रवार को विधानसभा में इस मामले को सदन में उठाया तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। उन्होंने सदन को बताया कि इस साल जून तक उनकी विधानसभा में 515 लोगों को बंदर के काटे जाने के कारण एंटी रेबीज के टीके लगाने पड़े हैं। इस पर स्पीकर वासुदेव देवनानी ने कहा कि बंदर पूरे राज्य की समस्या बन चुके हैं। उन्होंने सरकार को निर्देश दिए कि इस मामले में उचित कार्रवाई की जाए।
यादव ने बताया कि मेरे विधानसभा क्षेत्र शाहपुरा में बंदरों का इतना भयंकर आतंक है कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को घर से बाहर निकलने में भी डर लगने लगा है। अमर उजाला से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि मेरी विधानसभा की हालत यह है कि लोग मेरे पास बिजली-पानी से ज्यादा बंदरों के आतंक के मुद्दे को लेकर आते हैं।
उन्होंने कहा कि कई बार तो बंदर टोलियां बनाकर इतने हिंसक हो जाते हैं कि छीनाझपटी में राह चलते लोग वाहन दुर्घटनाओं के शिकार हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि बंदर फसलों को नुकसान पहुंचा देते हैं, कई लोग इनके हमलों में घरों की छतों से नीचे गिरकर जान गंवा चुके हैं। उन्होंने कहा कि साल 2023 में क्षेत्र के राजकीय अस्पतालों में बंदरों के काटने के कारण 695 लोगों को एंटीरेबीज का टीका लगाया गया था, जबकि वर्ष 2024 में 1 जनवरी से 30 जून तक 516 लोगों को एंटीरेबीज का टीका लगाया जा चुका है, इसी के चलते उन्होंने सदन में यह मुद्दा उठाया।