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Rajasthan News: IFMS 3.0 को लेकर केंद्र व राज्य सरकार ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट, बेनीवाल ने भी उठाया था मुद्दा

Wed, 31 Jan 2024 01:01 PM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

Jaipur: Ifms 3.0 में टेक्नोलॉजी शिफ्ट पर बेहिसाब खर्च के लिए जिम्मेदार अफसरों को अब जवाब देना होगा। केंद्र और राज्य सरकार दोनों ही ने वित्त विभाग से Ifms 3.0 मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
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हनुमान बेनीवाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Ifms 3.0 में टेक्नोलॉजी शिफ्टिंग के नाम पर अनाप-शनाप खर्च को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के वित्त विभाग ने जिम्मेदार अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। इसके साथ ही राज्य में 2010 से 2021 तक Ifms 1.0 और Ifms 2.0 को चलाने वाली स्टेट  NIC से भी उसके सेंट्रल ऑफिस ने इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। 
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सीएस ऑफिस ने भी मांगा जवाब
जानकारी के मुताबिक मुख्य सचिव सुधांशु पंत ने इस मामले में ई सिलिंग सॉफ्टवेयर के जरिए स्थापित की गई सुपर ट्रेजरी के एक अन्य मामले में भी वित्त विभाग से ब्योरा मांगा है। इसमें पूछा गया है कि 
नेट टेक्नोलॉजी से ऑरेकल पर शिफ्ट करने के कारण क्या रहे और अब तक इस पर कितना खर्च हुआ? साथ ही इससे जुड़ी प्राइवेट कंपनीज की डिटेल भी उन्होंने मांगी। ऑटोमेशन के कारण राज्य के खजाने को अब तक हुए नुकसान व कारणों को लेकर भी वित्त विभाग को रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा गया है। सूत्रों के मुताबिक अब सरकार जल्द ही इस संबंध में निर्णय लेगी।
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सीएजी ने भी बार-बार जताई थी आपत्ति
गौरतलब है कि सीएजी ने भी इस व्यवस्था को गलत बताते हुए बार-बार सरकार को पत्र लिखे थे। जिस सुपर ट्रेजरी सिस्टम को लागू करके कुछ अधिकारी राज्य की संपूर्ण भुगतान प्रणाली पर कंट्रोल करके बैठे थे और नियमों में उसके लिए कोई बदलाव नहीं किया गया था, न ही वित्त मंत्री स्तर पर इसकी अनुमति ली गई थी।

ऑटोमेशन के चलते 500 करोड़ के डबल पेमेंट
Ifms 3.0 में में जिस भुगतान प्रणाली को लागू कर अफसर वाहवाही लेना चाहते थे, उसमें पिछले साल ही 500 करोड़ रुपए से ज्यादा के डबल पेमेंट हो गए थे। इसके अलावा ऑटोमाइजेशन के चक्कर में एक ऑफिस की सैलेरी दूसरे ऑफिस में उठ गई। मृतकों के खातों में वेतन और पेंशन चले गए। कई कर्मचारियों को अलग-अलग ऑफिसों से वेतन क्रेडिट हो गए। एसआईपीएफ में ऑटोमेशन से 100 करोड़ के गलत भुगतान हो गए। सोशल सिक्यूरिटी पेंशन में ऑटोमेशन से 1000 करोड़ के गलत भुगतान हुए।
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विधानसभा में भी उठा मुद्दा
अमर उजाला ने व्यवस्था की इस खामी को लेकर लगातार खबरें कीं। विधानसभा में खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल ने भी इस मुद्दे को उठाया। वहीं पिछली सरकार में कई भाजपा विधायक भी लगातार इस मुद्दे को लेकर सवाल पूछ रहे थे।
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