फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajasthan News: जाट वोटरों को साधने के लिए हनुमान को मनाने में जुटी भाजपा, गठबंधन की तैयारी

Sun, 11 Feb 2024 10:26 AM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

Jaipur: लोकसभा चुनावों को लेकर भाजपा ने अपने तमाम सांसदों और विधायकों को मैदान में उतार दिया है। आरएलडी के एनडीए में शामिल होने के बाद अब राजस्थान में हनुमान बेनीवाल की पार्टी आरएलपी से भाजपा के गठबंधन की चर्चा भी चल पड़ी है।
विज्ञापन
हनुमान बेनीवाल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी भले ही विधानसभा चुनावों में सीटों के लिहाज से राजस्थान में पिछड़ गई लेकिन इसके बावजूद पार्टी के संयोजक हनुमान बेनीवाल से भाजपा के नेता गठबंधन के लिए संपर्क साध रहे हैं। पिछले लोकसभा चुनावों में हनुमान एनडीए का हिस्सा थे लेकिन किसान आंदोलन के चलते उन्होंने खुद को एनडीए से अलग कर लिया था। अब किसान आंदोलन एक बार फिर से खड़ा होता दिख रहा है, ऐसे में भाजपा किसान वर्ग से जुड़े प्रमुख जाट नेताओं को गठबंधन का हिस्सा बनाने की कोशिश में जुटी है ताकि राज्यों में उसे कम से कम प्रतिरोध झेलना पड़े।

विज्ञापन


हालिया विधानसभा चुनावों में हनुमान ने नागौर लोकसभा सीट को छोड़कर यहां की खींवसर विधानसभा से चुनाव लड़ा। अपनी पार्टी के 78 प्रत्याशियों से मात्र हनुमान बेनीवाल ही चुनाव जीत पाए थे लेकिन वोट शेयर के हिसाब से भाजपा और कांग्रेस के बाद उन्हें सबसे ज्यादा वोट मिले थे।

सूत्रों की मानें तो हनुमान खुद लोकसभा चुनाव लड़ने का मन बना रहे हैं लेकिन फिर राजस्थान में उन्हें कोई भरोसेमंद और दमदार चेहरे की जरूरत होगी, जो उनकी सीट पर उपचुनाव जीतकर विधानसभा में पार्टी का प्रतिनिधित्व बनाए रखे। इसी कड़ी में उनके भाई नारायण बेनीवाल का नाम भी चर्चाओं में है जो हनुमान से पहले इस सीट पर विधायक थे। 
विज्ञापन


हालांकि अभी तक हनुमान बेनीवाल की तरफ से इस संबंध में कोई बयान नहीं आया है लेकिन यह तय है कि बेनीवाल यदि भाजपा का हिस्सा बनते हैं तो पार्टी को कई सीटों पर इसका सीधा फायदा हो सकता है। 

हनुमान के सहारे की जरूरत क्यों

भाजपा के पास फिलहाल कोई ऐसा जाट चेहरा नहीं है, जो अपने चुनाव क्षेत्र से आगे निकलकर राजस्थान के दूसरे इलाकों में भी अपना प्रभाव रखता हो। नागौर से ज्योति मिर्धा को विधानसभा चुनावों में भाजपा ने पार्टी में शामिल तो किया लेकिन वे चुनाव हार गईं। पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां भी चुनाव हार गए। बाड़मेर से सांसद कैलाश चौधरी की स्थिति भी मजबूत नजर नहीं आ रही है। 

इसके अलावा बाड़मेर-जैसलमेर सीट से भागीरथ चौधरी को भाजपा में शामिल किया गया है। संघ की तरफ से भी इन्हें समर्थन मिल रहा है। हनुमान का प्रभाव न सिर्फ पश्चिमी राजस्थान में है बल्कि पूर्वी राजस्थान की कई सीटों पर भी उनका खासा असर है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें