भारतीय जनता पार्टी ने वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ को राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। राठौड़ लंबे समय से पार्टी से जुड़े रहे हैं और संगठन में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं।
उनका राजनीतिक जीवन 2003 में शुरू हुआ, जब वे राजस्थान विधानसभा के सदस्य बने। इसके बाद उन्होंने विभिन्न समितियों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। वे 2013 से 2018 तक पुनः विधायक रहे और सरकार के उप मुख्य सचेतक (राज्य मंत्री स्तर) की भूमिका निभाई। अप्रैल 2024 में वे राज्यसभा के सदस्य बने और जुलाई 2024 में उन्हें भाजपा राजस्थान का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।
राठौड़ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े रहे हैं और 1972-1979 तक प्रचारक के रूप में कार्य किया। उन्होंने वनवासी कल्याण परिषद, परिवर्तन यात्रा, एकता यात्रा और राम जन्मभूमि आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई।
प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के निर्वाचन के दौरान भाषण देते हुए प्रदेश प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल ने कहा कि पिछले 7 महीने में प्रदेशाध्यक्ष के रूप में मदन राठौड़ ने जो काम किया है, उसकी लोकप्रियता के चलते कोई भी उनके सामने चुनाव लड़ने के लिए आगे नहीं आया। उन्होंने कहा कि राठौड़ ने जो मेहनत की है उसी मेहनत के दम पर पूरे प्रदेश में इनकी अलग पहचान बनी है।
प्रदेश प्रभारी ने राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा करते हुए कहा है कि हमें गुजरात जैसी स्थिति राजस्थान में भी पैदा करनी होगी, जहां पर विपक्ष नहीं है। उन्होंने कहा कि लोग कुर्सी से हटते हैं तो उनका नाम लेवा भी कोई नहीं होता परंतु वसुंधरा राजे 1998 से मुख्यमंत्री हैं और आज भी उनकी लोकप्रियता बरकरार है।
इस पर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने ली प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल की चुटकी लेते हुए कहा कि हमारे निडर प्रभारी के जो मन में आता है, वह बात भी बाकी के साथ रख देते हैं। आज आपको पहली बार सुना है, सुनकर बड़ा मजा आया।