अब रजिस्टर्ड श्रमिक, चिन्हित स्ट्रीट वेंडर्स और उनके परिवार के 25 से 60 साल के सदस्य (पंजीकृत सक्रिय श्रमिक) को अस्पताल में भर्ती के दौरान अधिकतम सात दिन की आर्थिक सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री चिरंजीवी श्रमिक सम्बल योजना-2023 के प्रारूप को सहमति दी है।
योजना के तहत भर्ती के समय दैनिक मजदूरी समाप्त होने की स्थिति में श्रमिक के खाते में ऑटो डीबीटी से भर्ती की अवधि या सात दिवस जो भी कम हो, पीरियड के लिए प्रतिदिन 200 रुपये की सहायता पहुंचाई जाएगी।
यह सहायता लाभार्थी के खुद या परिवार के सदस्य के अस्पताल में न्यूनतम 24 घंटे भर्ती होने की स्थिति में मिलेगी। श्रमिक की अस्पताल में मौत होने की स्थिति में भी योजना के तहत सहायता प्राप्त की जा सकेगी।