गहलोत सरकार ने किसानों के कल्याण और उत्थान के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में राज्य सरकार ने 21 लाख से अधिक किसानों का लगभग 15 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया। इसी कड़ी में सरकार ने प्राकृतिक और अन्य आपदाओं से हुए नुकसान के कारण समय पर ऋण न चुकाने वाले किसानों को राहत देने और उनकी जमीन को कुर्की से बचाने के लिए पिछले अगस्त महीने में ‘राजस्थान राज्य कृषक ऋण राहत आयोग विधेयक-2023’ पारित करवाया था। अब इसके तहत ‘राजस्थान राज्य कृषक ऋण राहत योजना आयोग’ का गठन किया गया है।
गहलोत सरकार ने सेवानिवृत्त न्यायाधिपति प्रकाशचंद गुप्ता को आयोग का अध्यक्ष मनोनीत किया है। इसके अलावा सेवानिवृत आईएएस पीके गोयल, महाराणा प्रताप कृषि विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एसएन राठौड़, हरिकुमार गोदारा और सुनील गहलोत को आयोग का सदस्य मनोनीत किया गया है। यह आयोग बैंक और किसानों के बीच ऋण संबंधी विवादों को समझाइश और बातचीत के माध्यम से निपटाएगा। कृषि ऋण से संबंधित विभिन्न सुझाव देगा।
पशुओं के बीमा संबंधी कार्यों के प्रस्ताव को मंजूरी
गहलोत सरकार ने पशुपालकों के हित में कई अहम निर्णय लिए हैं। इसी क्रम में सरकार द्वारा मुख्यमंत्री कामधेनु पशु बीमा योजना के अंतर्गत प्रति परिवार दो दुधारू पशुओं का 40-40 हजार रुपये का बीमा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने योजना में पशुओं के हेल्थ सर्टिफिकेट जारी करने, पोस्टमॉर्टम करने, वेरीफिकेशन-रजिस्ट्रेशन, टैगिंग और क्लेम रजिस्ट्रेशन आदि कार्य कराने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
प्रस्ताव के अनुसार, पशु चिकित्सक को पशुओं का हेल्थ सर्टिफिकेट जारी करने के लिए प्रति पशु 75 रुपये तथा पोस्टमॉर्टम के लिए प्रति पशु 150 रुपये का भुगतान किया जाएगा। इसी प्रकार वेरीफिकेशन-रजिस्ट्रेशन, टैगिंग और क्लेम रजिस्ट्रेशन संबंधी तकनीकी सहायता के लिए पैरा वेटनरी स्टॉफ को प्रति पशु 30 रुपये का भुगतान किया जाएगा।
राज्य में खुलेंगे 278 नए पशु चिकित्सा उपकेंद्र
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य में ग्राम पंचायत स्तर पर 278 नवीन पशु चिकित्सा उपकेंद्र खोलने की स्वीकृति दी है। गहलोत ने इन केन्द्रों के लिए 556 नवीन पदों के सृजन को भी मंजूरी दी है। प्रस्तावित प्रत्येक पशु चिकित्सा उपकेंद्र पर एक-एक पशुधन सहायक और जलधारी का पद सृजित होगा। इस तरह कुल 278 पशुधन सहायक और 278 जलधारी की भर्ती की जाएगी। गहलोत के इस फैसले से ग्राम पंचायत स्तर पर पशुओं के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी।
48 नए जीएसएस का होगा निर्माण, 120 करोड़ रुपये मंजूर
राज्य सरकार कृषि उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति करने और विद्युत तंत्र में और अधिक सुधार निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने अजमेर, जोधपुर और जयपुर डिस्कॉम के तहत 48 नए 33/11 केवी ग्रिड सब स्टेशन (जीएसएस) के निर्माण की स्वीकृति दी है। गहलोत ने इस हेतु 120 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
इस संबंध में प्राप्त प्रस्ताव के अनुसार, अजमेर डिस्कॉम के अंतर्गत 17 जयपुर डिस्कॉम के अंतर्गत सात और जोधपुर डिस्कॉम के अंतर्गत 24 नए ग्रिड सब स्टेशन बनेंगे। अजमेर डिस्कॉम के अंतर्गत नागौर जिले में नौ, सीकर में तीन, चित्तौड़गढ़ और डीडवाना-कुचामन में दो-दो, प्रतापगढ़ में एक जीएसएस का निर्माण होगा। इसी प्रकार जयपुर डिस्कॉम के करौली, अलवर जिले में दो-दो और दौसा, कोटा एवं डीग में एक-एक जीएसएस बनेंगे। वहीं, जोधपुर डिस्कॉम के बीकानेर जिले में 16, जोधपुर में तीन, झुंझुनूं में दो तथा फलौदी, जैसलमेर और सांचौर में एक-एक जीएसएस बनाए जाएंगे।