राजस्थान में यूनिफाइड पेंशन को लेकर कर्मचारियों और राज्य सरकार के बीच टकराव की नौबत आ चुकी है। पिछली गहलोत सरकार की ओर से लागू की गई ओल्ड पेंशन को नई यूनिफाइड पेंशन से रिप्लेस करने के लिए भजनलाल सरकार आज कैबिनेट में प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रही है। हालांकि, कैबिनेट की बैठक के लिए जारी किए गए मुख्य एजेंडा में यूनिफाइड पेंशन का प्रस्ताव शामिल नहीं किया गया था। लेकिन इसे सप्लीमेंट्री एजेंडा के रूप में टेबल करने की तैयारी वित्त विभाग के स्तर पर की जा रही है।
यूनिफाइड पेंशन स्कीम हाल में केंद्र सरकार ने लागू की है। केंद्र में भी इसे लेकर कर्मचारियों में भारी विरोध नजर आ रहा है। लेकिन राजस्थान में इसे लेकर ज्यादा विरोध इसलिए भी हो सकता है। क्योंकि यहां पिछली गहलोत सरकार एनपीएस हटाकर ओपीएस लागू कर गई थी।
दो साल से कटौतियां बंद, इस पैसे की व्यवस्था कैसे होगी
इधर, एनपीएस की जगह ओपीएस लागू होने के बाद राजस्थान में लाखों कर्मचारियों का एनपीएस अंशदान कटना बंद हो चुका है और न ही राज्य सरकार ने अपना हिस्सा एनपीएस में जमा करवाया। करीब हर महीने 1200 करोड़ रुपये का अंशदान एनपीएस में जमा करवाना होता है। ऐसे में यदि यूनिफाइड पेंशन स्कीम लागू होती है तो अब तक कर्मचारियों की कटौतियां और राज्य सरकार के अंशदान की भरपाई कैसे होगी, यह भी बड़ा सवाल है।