प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत से विदेशी मुद्रा लेनदेन के नियमों के उल्लंघन मामले में पूछताछ की। उनसे करीब आठ घंटे तक सवाल पूछे गए। वैभव के बयान रिकॉर्ड करने के बाद ईडी ने उन्हें 16 नवंबर को फिर से बुलाया है। ईडी ने पिछले सप्ताह समन जारी कर वैभव को दिल्ली स्थिति मुख्यालय बुलाया था।
जानकारी के मुताबिक, वैभव गहलोत सोमवार सुबह 11 बजे ईडी मुख्यालय पहुंचे। दोपहर में खाना खाने के लिए एक घंटे की छुट्टी में बाहर आए वैभव ने कहा कि उनका या उनके परिवार का फेमा या विदेशी लेनदेन से कोई संबंध नहीं है। ईडी समन में उपस्थित होने के लिए कम समय दिया। उन्होंने 15 दिन का समय मांगा था, लेकिन ईडी ने ऐसा नहीं किया। रात 8 बजे के बाद एजेंसी के कार्यालय से बाहर निकलते हुए वैभव ने बताया कि ईडी ने उन्हें 16 नवंबर को फिर से बुलाया है। उनके खिलाफ ईडी की कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है।
इससे पहले वैभव गहलोत ने कहा था कि 12 साल पहले भी उन्हें ईडी ने समन भेजा था। तब उन्होंने ईडी के समन का जवाब दिया था। उन्होंने कहा कि इस बार भी हमें अंदेशा था कि चुनाव के दौरान हमें फिर बुलाया जा सकता है और इस बार भी हम उनके समन का जवाब देंगे। हालांकि, ईडी ने वैभव के पिछले गुरुवार को ही पूछताछ के लिए बुलाया था। लेकिन उन्होंने ईडी से समय सीमा बढ़ाने की मांग की थी।इसलिए आज उन्हें ईडी में पेश होना है।
क्या है मामला
ईडी सूत्रों ने बताया है कि राजस्थान टूरिज्म से जुड़े ट्राइटंस होटल एंड रिजॉर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड तथा वर्धा एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड नाम के दो समूहों पर मनी लांड्रिंग के जरिए ज्ञात सोर्स से अधिक राशि जुटाने के आरोप लगे थे। वैभव गहलोत की कंपनी पर शैल कंपनियों के जरिए 100 करोड़ रुपये मॉरीशस भेजने के आरोप है। जून में राज्यसभा सांसद किरोड़ीलाल मीणा ने ईडी में इसकी शिकायत की थी।
उन्होंने वैभव गहलोत पर होटल फेयरमाउंट में मॉरीशस की शैल कंपनी की ओर से करीब 100 करोड़ के निवेश के आरोप लगाए थे। हालांकि पिछले दिनों मुख्यमंत्री अशोक गहलोत प्रेस कांफ्रेस कर इन आरोपों को खारिज कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान में चुनावों के चलते ईडी यह कार्रवाई कर रही है। गहलोत ने यह भी बताया था कि उनके बेटे का इस मामले से कोई लेना देना नहीं है।