राजस्थान की सभी 200 विधानसभा सीट पर 25 नवंबर को मतदान का दिन निश्चित हुआ है। मतगणना तीन दिसंबर को की जाएगी। इसके तहत भाजपा ने 41 उम्मीवारों की अपनी पहली लिस्ट जारी कर दी है। वहीं, कांग्रेस में अभी तक मंथन चल रहा है। कांग्रेस अभी तक प्रत्याशियों के चयन में जुटी है। हालांकि रविवार सुबह ही कांग्रेस ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलांगना विधानसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। इधर, चर्चा ये भी है कि कांग्रेस करीब एक दर्जन विधायकों का टिकट काट सकती है।
शनिवार को दिल्ली में कांग्रेस सक्रीनिंग कमेटी (CEC) की बैठक हुई। इसमें स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष गौरव गोगोई और इसके सदस्यों के अलावा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट, प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, विधानसभा अध्यक्ष एवं वरिष्ठ नेता सीपी जोशी और कुछ अन्य नेता शामिल हुए।
जीत की संभावना के आधार पर ही उम्मीदवारों का चयन होगा
बैठक के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि टिकट वितरण की प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है। सीएम ने स्पष्ट रूप से कहा कि जीत की संभावना के आधार पर ही उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। अब सीएम के इस बयान के बाद से ही कांग्रेस में हलचल मच गई है। उन नेताओं को चिंता हो रही है जिनकी क्षेत्र में स्थिति खराब है। गहलोत ने कहा कि टिकट का वितरण सर्वेक्षण से मिली जानकारी के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमसे लोगों को कोई शिकायत भी नहीं है। अगर विधायक से किसी को शिकायत है तो सर्वेक्षण रिपोर्ट के फीडबैक पर सब कुछ निर्भर करेगा।
वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा ने बताया कि 17 अक्टूबर को स्क्रीनिंग कमेटी की फिर से बैठक होगी। चर्चा है कि कांग्रेस की पहली लिस्ट 18 अक्टूबर को जारी हो सकती है। सीईसी की बैठक में सर्व सहमति से पैनल तैयार होगा। जिसे केंद्रीय चुनाव समिति को भेजा जाएगा. फिर उसे कांग्रेस आलाकमान के पास भेजा जाएगा. जो प्रत्याशियों की लिस्ट पर अंतिम मुहर लगाएगी।