फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajasthan: जोर पकड़ रही छात्रसंघ चुनाव की मांग, कहां-कहां छात्रों ने किया प्रदर्शन, सरकार का जवाब क्या रहा?

Fri, 16 Aug 2024 08:53 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव को लेकर सियासी घमासान लगातार जारी है। एक ओर जहां प्रदेश सरकार ने छात्रसंघ चुनाव को लेकर अब तक किसी तरह का एलान नहीं किया है। वहीं, छात्र चुनाव की मांग को लेकर लगातार सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं।
विज्ञापन
छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अलवर जिले में छात्रसंघ चुनाव बहाल कराने की मांग को लेकर युवाओं ने मत्स्य यूनिवर्सिटी के गेट पर प्रदर्शन किया। पिछले सत्र से बंद पड़े छात्रसंघ चुनाव को बहाल करने की मांग की गई। छात्र नेता ओमवीर रहीसा ने बताया कि युवाओं की लंबे समय से मुख्य मांग है, जिसको सरकार पूरा नहीं कर रही है।

विज्ञापन




प्रदेश में सैकड़ों युवा अपनी ऊर्जा छात्र हितों व सामाजिक कार्यों में लगाना चाहते हैं। परंतु बंद पड़े छात्रसंघ चुनाव की वजह से वह अपनी काबिलियत प्रदर्शित करने में असमर्थ हैं। छात्रसंघ चुनाव बहाल करके युवा तरुणाई को अपनी प्रतिभा को साबित करने का मौका दिया जाए। क्योंकि छात्रसंघ चुनाव ही राजनीति की पहली सीढ़ी है। 

विज्ञापन


छात्रसंघ चुनाव के माध्यम से देश, प्रदेश में ऊर्जावान, संघर्षशील व योग्य नेतृत्वकर्ता तैयार हुए हैं। इसलिए सरकार को छात्र हित को ध्यान में रखकर समस्या को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने कहा, अगर छात्रसंघ चुनाव होते हैं और अध्यक्ष बनता है, वह अन्य छात्रों की मांगों को उठाने का काम करता है। क्योंकि छात्र-छात्राएं अपनी मांगों को कहां पर रखें, इसलिए उनकी मांगों पर सरकार को ध्यान देकर छात्रसंघ चुनाव को शुरू करवाना चाहिए।

श्रीगंगानगर में छात्रों का प्रदर्शन
छात्रसंघ चुनावों को लेकर शुक्रवार को एनएसयूआई ने कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान छा़त्रों की पुलिसकर्मियों के साथ कई बार झड़प भी हुई। करीब घंटा भर चले इस प्रदर्शन के बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर छात्रों को कलेक्ट्रेट के आगे से तितर-बितर कर दिया। इससे पहले साढ़े 12 बजे एनएसयूआई कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे और छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर यहां जमकर विरोध-प्रदर्शन किया। 



एकबारगी तो उन्होंने कलेक्ट्रेट के मेन गेट को धक्का देकर खोल लिया, लेकिन पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उन्हें वहां से खदेड़ दिया और गेट को फिर से बंद कर लिया। छात्र गेट के बाहर सड़क के बीचों-बीच बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। कोतवाली थानाधिकारी पृथ्वीपाल सिंह ने कई बार उनसे समझाइश का प्रयास किया और कहा कि पांच छात्रों का शिष्टमंडल कलेक्ट्रेट में जाकर अपनी मांग का ज्ञापन दे आए। लेकिन वे नहीं माने और कलेक्टर को बाहर बुलाने की बात पर अड़ गए और सड़क पर ही सभा शुरू कर दी। 

संबोधित करते हुए यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष करण सहारण, एनयूआई के हिमांशु सिसोदिया, पवन नंदीवाल, विनय मेघवाल व अन्य वक्ताओं ने कहा कि 5 जनों का शिष्टमंडल पिछले एक साल से कलेक्ट्रेट में जा रहा है। सात दिन तक एनएसयूआई छात्रों ने कलेक्ट्रेट के बाहर भूख हड़ताल की, तब भी 5 जनों का डेलीगेशन जाता रहा, लेकिन एक साल हो गया और नतीजा वहीं ढाक के तीन पात रहा।

एबीवीपी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
जयपुर में गांधी नगर थाना क्षेत्र स्थित राजस्थान विश्वविद्यालय के बाहर शुक्रवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने राज्य के विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया।

बड़ी संख्या में एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय परिसर में रैली निकाल विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी छात्रों ने जवाहर लाल नेहरू मार्ग पर प्रदर्शन किया। पुलिस ने बैरिकेड लगा कर उन्हें आगे जाने से रोक। गांधीनगर थाने के अधिकारी उदयभान ने बताया कि प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव कराने संबंधी मांग का एक ज्ञापन विश्वविद्यालय के कुलपति को देकर प्रदर्शन खत्म कर दिया।

छात्रसंघ चुनाव को लेकर सरकार का रुख
राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर स्टूडेंट्स लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार ने छात्रसंघ चुनाव करवाने का वादा किया था। लेकिन अब इसे करवाने के पक्ष में नहीं है। इस बीच राजस्थान के डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा का छात्रसंघ चुनाव को लेकर बड़ा बयान सामने आया।

दरअसल, डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सीकर के रींगस में पहुंचे थे। इस दौरान मीडिया ने जब छात्रसंघ चुनाव को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा, अभी छात्रसंघ चुनाव प्राथमिकता में नहीं है। सबसे पहले कॉलेजों की फिजिकल स्थिति व शिक्षा व्यवस्था को सुधारना मेरा लक्ष्य है, उसके बाद चुनावों के बारे में सोचेंगे।
विज्ञापन


कई बड़े नेता कर चुके हैं छात्रसंघ चुनाव की मांग
राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव के पक्ष में प्रदेश के कई दिग्गज नेता भी हैं। अशोक गहलोत, सचिन पायलट, हनुमान बेनीवाल और रविंद्र सिंह भाटी समेत कई बड़े नेता छात्रसंघ चुनाव करवाने की मांग सरकार से कर चुके हैं। लेकिन इसके बावजूद अभी तक सरकार ने इस पर कोई फैसला नहीं लिया है।

छात्रसंघ चुनाव 2022 में हुए थे आखिरी बार
राजस्थान में साल 2020 और 2021 में कोरोना संक्रमण की वजह से छात्रसंघ चुनाव नहीं हो पाए थे। इसके बाद सरकार ने 29 जुलाई 2022 को छात्रसंघ चुनाव कराने का फैसला किया था। लेकिन पिछले साल कांग्रेस सरकार ने छात्रसंघ चुनाव को स्थगित कर दिया था। इसके बाद प्रदेश भर में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। लेकिन, सरकार ने अपने फैसले को नहीं बदला। अब प्रदेश में बीजेपी की सरकार आ गई, लेकिन छात्रसंघ चुनाव को लेकर मंशा स्पष्ट नहीं है।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें