उपमुख्यमंत्री ने बताया कि बजट घोषणा 2024-25 की क्रियान्वति में यह स्वीकृति जारी की गई है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क मजबूत होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। गांवों की शहरों से बेहतर कनेक्टिविटी होने से किसान अपने उत्पाद बड़े बाजारों में बेच सकेंगे, जिससे उन्हें बेहतर दाम मिलेंगे। इसके साथ ही वे सरकार की लोक कल्याणकारी सेवाओं चिकित्सा, शिक्षा आदि सेवाओं का बेहतर लाभ ले सकेंगे।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि इस स्वीकृति से नागौर जिले के खींवसर विधानसभा क्षेत्र में 27.81 करोड़ रुपये की लागत से 89.7 किमी, देवली उनियारा विधानसभा क्षेत्र में 40.37 करोड़ रु की लागत से 86.1 किमी, झुंझुनू विधानसभा क्षेत्र में 26.32 करोड़ रुपये की लागत से 93.15 किमी, चौरासी विधानसभा क्षेत्र में 24 करोड़ रुपये की लागत से 40.3 किमी, मालपुरा विधानसभा क्षेत्र में 18.93 करोड़ की लागत से 29.73 किमी तथा टोंक विधानसभा क्षेत्र में 2.2 करोड़ की लागत से 4.45 किमी लंबाई की ग्रामीण सड़कों को निर्माण करवाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त मांडल, भीलवाड़ा हरिपुरा चौराहे से देवगढ़ जिला राजसमंद तक की 62 किमी लंबी सड़क को फोरलेन करने की डीपीआर बनाने के लिए 2 करोड़, रामगंज मंडी रिंग रोड की डीपीआर के लिए 1.25 करोड़ , प्रतापगढ़ के पश्चिमी भाग में बाइपास चित्तौड़गढ़ रोड से धरियावद रोड होते हुए बांसवाड़ा रोड तक अर्द्धचंद्राकार रिंग रोड की डीपीआर के लिए एक करोड़, कोटड़ा से देवला रोड को फोरलेन करने की डीपीआर लिए 1. 25 करोड़, भरतपुर- अलवर मार्ग को चार लेन करने की डीपीआर के लिए 2 करोड़, मावली-उदयपुर से नाथद्वारा वाया गुडली सड़क की डीपीआर के लिए एक करोड़ तथा कोटा-कैथून-धरनावदा सड़क का चौड़ीकरण कर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे को बालापुरा जंक्शन पर जोड़ते हुए बपावर- सांगौद- कैथून में बायपास निर्माण की डीपीआर हेतु 2 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।