सीएम अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री निवास पर राज्य स्तरीय लाभार्थी संवाद समारोह में कहा कि विभिन्न श्रेणियों में लाभार्थियों को सहायता पहुंचाई जा रही है। सहयोग राशि बढ़ाने से लगभग 300 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार आएगा। उन्होंने कहा कि गत सरकार में शुरू पालनहार योजना को बंद करने के बजाय हमने सहायता राशि और श्रेणियों में बढ़ोतरी की है। इससे परिवार में ही बच्चों की समुचित देखरेख, संरक्षण और शिक्षा सुनिश्चित हो रही है। ये बच्चे बड़े होकर प्रदेश और देश की उन्नति में अपना अहम योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि यह योजना एक अभिनव पहल है। इसे और मजबूत बना रहे हैं, हम सभी की जिम्मेदारी है कि एक भी पात्र बच्चा योजना से वंचित न रहे।
गहलोत ही नेक्स्ट सीएम - टीकाराम जूली
समारोह में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री टीकाराम जूली ने कहा कि यह योजना नाममात्र की नहीं, बल्कि इसके जरिए लगभग छह लाख बच्चों का लालन-पोषण किया जा रहा है। राज्य सरकार ने इस वर्ग की पीड़ा को समझते हुए सहायता राशि में बढ़ोतरी की है। टीकाराम जूली ने कहा, देश भर में सीएम अशोक गहलोत ही नेक्स्ट सीएम हैं। समारोह में स्वायत्त शासन, नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री शांति कुमार धारीवाल, कृषि मंत्री लालचंद कटारिया, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री डॉ. महेश जोशी, सार्वजनिक निर्माण मंत्री भजन लाल जाटव, युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री अशोक चांदना, राजस्थान राज्य केशकला बोर्ड के अध्यक्ष महेन्द्र गहलोत, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष संगीता बेनीवाल, ओबीसी वित्त एवं विकास कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष पवन गोदारा, विधायक गंगा देवी, आलोक बेनीवाल, नरेंद्र बुड़ानिया, सामाजिक कार्यकर्ता निखिल डे, मुख्य सचिव उषा शर्मा, पालनहार के लाभार्थी सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों से लाभार्थी, जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासनिक अधिकारी जुड़े।
पालनहार योजना की पात्र श्रेणियां...
अनाथ बच्चे, न्यायिक प्रक्रिया से मृत्यु दण्ड, आजीवन कारावास प्राप्त माता-पिता के बच्चे, पेंशन प्राप्त कर रही विधवा माता के बच्चे, पुनर्विवाहित विधवा माता के बच्चे, एचआईवी एड्स से पीड़ित माता-पिता के बच्चे, कुष्ठ रोग से पीड़ित माता-पिता के बच्चे, नाता जाने वाली माता के बच्चे, विशेष योग्यजन माता-पिता के बच्चे, पेंशन प्राप्त कर रही तलाकशुदा अथवा परित्यक्ता महिला के बच्चे, सिलिकोसिस पीड़ित माता-पिता के बच्चे।
अनुदान राशि का प्रावधान...
अनाथ श्रेणी के 0-6 आयु वर्ग के बच्चों के लिए 1500 रुपये प्रतिमाह और 6-18 आयु वर्ग तक के बच्चों के लिए 2500 रुपये प्रतिमाह। राज्य सरकार की बजट घोषणा 2023-24 के अनुसार पालनहार योजना में अनाथ श्रेणी के अतिरिक्त अन्य श्रेणी के 0 से 6 साल उम्र के बच्चों के लिए 750 रुपये प्रतिमाह और 6 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए 1500 रुपये प्रतिमाह सहायता राशि दी गई। साथ ही कपड़े, स्वेटर, जूते आदि के लिए हर वर्ष 2000 रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे। (विधवा और नाता श्रेणी को छोड़कर)। इस योजना की सबसे जरूरी शर्त बच्चों का आंगनबाड़ी या विद्यालय जाना अनिवार्य है।
'खेल प्रतिभाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध करा रही राज्य सरकार'
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजीव गांधी ग्रामीण एवं शहरी ओलम्पिक खेल 2023 के आयोजन से प्रदेश के युवाओं में खेलों के प्रति उत्साह पैदा होगा, जिसके भविष्य में अच्छे परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। राज्य सरकार द्वारा खेल प्रतिभाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
गहलोत ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर राजीव गांधी ग्रामीण एवं शहरी ओलम्पिक खेल 2023 के प्रति जन जागरूकता फैलाने के लिए 10 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये वाहन कला जत्थों के साथ प्रदेश के सभी ब्लॉक एवं विधानसभा क्षेत्र में जाएंगे और खेलों को लेकर जागरुकता फैलाएंगे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर खेलों के आयोजन से संबंधित मशाल को पूर्व अन्तर्राष्ट्रीय वॉलीबॉल खिलाड़ी मालती चौहान को सौंपकर रवाना किया। वहीं, गहलोत ने प्रतिभागियों को दी जाने वाली टी-शर्ट, मेडल्स और सर्टिफिकेट्स का विमोचन भी किया।