चूरू में सांसद राहुल कास्वां के समर्थन में उठी जाट लहर ने बीजेपी को रणनीति बदलने पर मजबूर कर दिया है। जानकारी के मुताबिक, जाटों के विरोध के चलते राजसमंद के दावेदारों की सूची में राजेंद्र राठौड़ नाम अब बाहर हो गया है। वहीं, पूर्व बीजेपी अध्यक्ष सतीश पूनिया की जगह अब बीजेपी लालचंद कटारिया पर दांव लगाना चाहती है। पूनिया ने तो सोशल मीडिया पर इसके संकेत दे भी दिए हैं। उन्होंने अब से कुछ देर पहले एक्स पर डाली पोस्ट में लिखा, फिर भी मैं व्यापक जनहित में अपने विकास के संकल्प को निभाता रहूंगा।
लोकसभा चुनावों के लिए बीजेपी की पहली सूची में सीट के जातिगत समीकरणों में कोई बदलाव नहीं किया गया। लेकिन राहुल कस्वां के पार्टी से एक्जिट ने बीजेपी के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, राहुल कस्वां के समर्थन में जाटों की सहानुभूति के चलते अब बीजेपी ने राजसमंद से राजेंद्र राठौड़ के नाम पर विचार बंद कर दिया है। कांग्रेस यहां सुदर्शन रावत को टिकट देने का मन बना चुकी है, जो इस सीट पर सबसे बड़ी ओबीसी जाति से आते हैं। संभावना है कि बीजेपी अब यहां किसी रावत को ही आगे बढ़ाए। इनमें डॉ. अरविंद सिंह रावत का नाम भी चर्चाओं में है।
अजमेर से वैश्य, भीलवाड़ा में राजपूत, जयपुर ग्रामीण में जाट
पहले जयपुर ग्रामीण सीट के लिए राजपूत चेहरे राव राजेंद्र सिंह का नाम लगभग फाइनल था। लेकिन अब स्थिति बदल गई है। जयपुर ग्रामीण से इस बार बीजेपी जाट चेहरे लालचंद कटारिया को उतार सकती है, जो कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए हैं। पिछले लोकसभा चुनावों में बीजेपी ने यहां राजपूत चेहरे कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ को टिकट दिया था।
अजमेर में जाट की जगह वैश्य को मौका
अजमेर सीट पर बीजेपी इस बार जाट की जगह किसी वैश्य चेहरे को उतार सकती है। साल 2009 में बीजेपी ने यहां कांग्रेस के सचिन पायलट के सामने किरण माहेश्वरी को टिकट दिया था, जो वैश्य वर्ग से आती थीं। इस बार यदि पार्टी वैश्य वर्ग में रिजु झुंझुनूवाला को टिकट दे सकती है, जो हाल में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए हैं।
भीलवाड़ा में वैश्य की जगह राजपूत
भीलवाड़ा में बीजेपी मौजूदा सांसद सुभाष बहेड़िया का टिकट काटकर किसी राजपूत चेहरे को वहां से उतार सकती है।
राजसमंद में रावतों का हो सकता है मुकाबला
राजसमंद सीट पर बीजेपी अब तक राजपूत चेहरे उतारती रही है। पिछली बार यहां दीया कुमारी को टिकट दिया गया था। लेकिन कांग्रेस ने इस बार यहां पूर्व विधायक सुदर्शन सिंह रावत को टिकट देने का मन बना लिया है। रावत यहां सबसे बड़ी ओबीसी जाति है, जिनकी तादाद यहां करीब 3.5 लाख है। ऐसे में बीजेपी भी अब इस सीट पर किसी रावत को ही उतारने की कोशिश कर रही है।