राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि राज्य की भाजपा सरकार के मंत्रियों के बिगड़े बोल का सिलसिला लगातार बढ़ता ही जा रहा है। पानी अब सिर से गुजरता जा रहा है। मंत्रियों को यह नहीं भूलना चाहिए कि वे लोक सेवक हैं, लेकिन भाजपा सरकार के मंत्री सत्तामद में मदहोश हो गए हैं। जनता का अनादर करना और मखौल उड़ाना भजनलाल सरकार की आदत बन गई है, लेकिन इन सभी मंत्रियों को आगामी सत्र में प्रतिपक्ष राजस्थान विधानसभा के सदन में घेरेगा और जनता की ताकत का अहसास कराएगा।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि अलवर में भाजपा के एक दलित पार्षद कैलाश कोली ने जब वन राज्य मंत्री संजय शर्मा से फोन पर बस्तियों में पानी के संकट की गुहार लगाई तो वन राज्य मंत्री ने उसे धरना देने के लिए कहा। साथ ही यह भी कहा कि यह ऑडियो रिकार्डिंग वायरल कर देना।
जूली ने कहा कि राज्य की भाजपा सरकार के मंत्री सत्तामद में बेलगाम हो गये हैं। जनता इन्हें इस उपचुनाव में करारा सबक सिखाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में पेयजल संकट पर कभी जलदाय मंत्री तो कभी वन राज्य मंत्री अनर्गल बयान देते हैं। शिक्षा मंत्री के बेतुके बयानों पर तो भाजपा विधायक सुरेश धाकड़ ने सार्वजनिक रूप से पीड़ा जाहिर की है।
जूली ने कहा कि जब भाजपा के कुराज में सत्तारूढ़ दल के विधायक और पार्षद की सुनवाई नहीं हो रही है। उन्हें मंत्री बेतुके जवाब दे रहे हैं, तो जाहिर है कि आम जनता की कहीं कोई सुनवाई नहीं है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि लोकतंत्र की एक गरिमा और मर्यादा होती है, लेकिन सत्तामद में चूर भाजपा सरकार के मंत्री इसे भूल गए हैं।
जूली ने कहा कि अलवर में पानी की भारी किल्लत बनी हुई है, जिसके समाधान की बजाय मंत्री स्थानीय जन प्रतिनिधि को धरना देने का उपदेश दे रहे हैं। जूली ने कहा कि इस बार प्रदेश में बहुत अच्छी बारिश हुई लेकिन सरकार ने पेयजल के लिए कोई सुचारु प्रबंधन नहीं किया। इसलिए प्रदेश के बांध लबालब होने के बाद काफी पानी व्यर्थ बहकर चला गया। इस सरकार के पास सुचारू पेयजल प्रबंधन का कोई सोच नहीं है। सुशासन शब्द ही सरकार की कार्यप्रणाली से गायब हो गया है और यह सरकार अनर्गल बयानों की सरकार बन कर रह गयी है।