जयपुर के सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल में बनाए गए दो नए आईसीयू वार्ड, न्यूरोलॉजी और जनरल मेडिसिन गंभीर तकनीकी खामियों के चलते विवादों में घिर गए हैं। हैंडओवर से पहले ही इन वार्डों में कई समस्याएं उभर आई हैं। इनमें प्रमुख समस्या फॉल सीलिंग का गिरना और छतों से पानी टपकना है।
एसएमएस अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए बनाए गए इन आईसीयू वार्डों के निर्माण की बात दिल्ली की वीबीएम इंडिया कंपनी से 12 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तय की गई थी। वार्डों का निर्माण न्यूरोलॉजी और जनरल मेडिसिन विभाग में भर्ती होने वाले मरीजों के इलाज के लिए किया गया था। तकनीकी खामियों के कारण इनका उपयोग करना अब असंभव हो गया है।
इन खामियों के कारण संबंधित कमेटी ने वार्डों का हैंडओवर लेने से मना कर दिया है। कमेटी के अनुसार, बेड के बीच अपर्याप्त स्पेस और अन्य तकनीकी खामियों ने वार्डों को असुरक्षित बना दिया है। इसके अलावा, कंपनी के प्रतिनिधि अस्पताल प्रशासन और कमेटी पर वार्डों का हैंडओवर लेने का दबाव बना रहे हैं।
फॉल सीलिंग के गिरने और छतों से पानी टपकने की घटनाओं ने अस्पताल प्रशासन को चिंता में डाल दिया है। मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अस्पताल प्रशासन ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है और इसे जल्द से जल्द सुलझाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
एसएमएस अस्पताल के ये नए आईसीयू वार्ड तकनीकी खामियों के कारण फिलहाल उपयोग में नहीं आ पा रहे हैं। अस्पताल प्रशासन और संबंधित कंपनी के बीच इस मुद्दे को लेकर खींचतान जारी है। उम्मीद है कि जल्द ही इस समस्या का समाधान निकाला जाएगा, ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।