पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार पर बड़ा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पावरलेस बताया। गहलोत ने कहा भजनलाल शर्मा को मुख्यमंत्री तो बना दिया पर दिल्ली वाले सरकार को रिमोट से चलाना चाहते हैं, जो संभव नहीं है। मुख्यमंत्री से ज्यादा पावर तो उपमुख्यमंत्री के पास है और राजस्थान के मुख्य सचिव सुधांशु पंत राजस्थान में डिफेक्टो मुख्यमंत्री बने हुए हैं।
गहलोत ने कहा कि जो मुख्यमंत्री अपने ओएसडी लगाने की स्थिति में न हो, जो मुख्यमंत्री अपना स्टाफ लगाने की स्थिति में न हो वो मुख्यमंत्री प्रदेश को कैसे चला रहा है। ये प्रदेश की जनता जानना चाहती है। गहलोत बोले की दिल्ली की पर्ची ने मुख्यमंत्री तो बना दिया पर मुख्यमंत्री को पावरलेस कर रख रखा है। बिना पावर के मुख्यमंत्री से गुड गवर्नेंस की उम्मीद नहीं की जा सकती।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान में हमारी सरकार बनना तय थी, परंतु प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री और पांच राज्यों के सीएम ने झूठ बोलकर राजस्थान में जो माहौल बनाया उससे हमारी सरकार नहीं बन पाई। आज प्रदेश की जनता सरकार को खोज रही है।
ये घोटालेबाज लोग हैं
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि सरकार को ईआरसीपी पर वाइट पेपर जारी करना चाहिए। पीएम ने कहा था कि मेरी गारंटी है सरकार बनते ही पेट्रोल के दाम की समीक्षा कर दूंगा। आज तीन महीने हो गए हैं कोई चर्चा ही नहीं है इस बात की। ये घोटालेबाज लोग हैं। चुनावी बांड पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला कब लागू करेंगे। मोदी इस बार चुनाव जीत गए तो चंडीगढ़ की तरह चुनाव होंगे।
सीबीआई, ईडी का डर सता रहा है वो कांग्रेस को छोड़कर जा सकता है
महेंद्रजीत सिंह मालवीय के कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में जाने पर अशोक गहलोत बोले कि, जिसको भी जाना है और जो भी जाना चाहता है वो जल्दी से जल्दी कांग्रेस छोड़कर चला जाए। जिसको भी सीबीआई, ईडी का डर सता रहा है वो कांग्रेस को छोड़कर जा सकता है। कांग्रेस कमजोर होने वाली नहीं है। कांग्रेस को पिछली बार के मुकाबले ज्यादा वोट मिले हैं, जो यह बताता है कि लोगों में आज भी कांग्रेस के प्रति विश्वास कायम है।