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Jaipur : शिक्षा विभाग ने स्कूलों में धारदार नुकीली चीजें लाने पर लगाई पाबंदी, उदयपुर हादसे के बाद जागी सरकार

Sat, 17 Aug 2024 04:36 PM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

उदयपुर हादसे के बाद सरकार ने नींद से जागते हुए स्कूलों में धारदार या नुकीली वस्तु लाने पर पाबंदी लगाने संबंधी आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार शिक्षा विभाग ने किसी भी प्रकार की धारदार वस्तु स्कूल में लाने पर सख्त पाबंदी लगाई है।
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राजस्थान - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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उदयपुर के स्कूल में हुई चाकूबाजी की घटना के बाद शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर विद्यालयों में किसी भी प्रकार की धारदार या नुकीली वस्तु लाने पर पूरी तरह रोक लगाई है। आदेश में कहा गया है कि भारत की संस्कृति "अहिंसा परमो धर्म" के मूल्य का महत्व समझाकर अहिंसा को व्यक्तित्व का अभिन्न अंग बनाने पर बल देती है। राज्य सरकार इन्हीं मूल्यों के अनुरूप, विद्यालय को सुरक्षित एवं स्वस्थ वातावरण के साथ-साथ विद्यार्थियों को संस्कारवान बनाने के लिए भयमुक्त परिवेश प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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आदेश में यह भी कहा या है कि विद्यालय में विद्यालय प्रशासन एवं शिक्षकों को विद्यार्थियों को निरंतर प्रेरित करने के साथ, उनके आचरण पर सूक्ष्म ध्यान भी रखना चाहिए, जिससे विद्यार्थी अपने लक्ष्य के अनुरूप प्रगति पथ पर अग्रसर हो सकें। इसमें बरती गई शिथिलता विद्यार्थी को अनुचित दिशा तो देती ही है, साथ ही विद्यार्थी या उसके सहपाठी आदि को हानि पहुंचा सकती है। ऐसी घटना से न केवल विद्यालय की प्रतिष्ठा प्रभावित होती है बल्कि अन्य विद्यार्थियों एवं अभिभावकों का विश्वास भी प्रभावित होता है।

शिक्षा विभाग ने कहा है कि उदयपुर जैसी घटना की पुनरावृत्ति न हो इसलिए ही विद्यालय में किसी भी प्रकार का धारदार हथियार, नुकीली वस्तुएं आदि लाना निषिद्ध रहेगा। शिक्षा विभाग के आदेश के तहत किसी भी प्रकार के धारदार हथियार जैसे चाकू, छूरी, धारदार कैंची या किसी भी नुकीली वस्तु को विद्यालय में लाना सख्त मना है। ऐसी किसी भी प्रकार की वस्तु को स्कूल में लाना एवं प्रयोग करना सुरक्षा और अनुशासन के नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। इस संबंध में विद्यार्थियों के अतिरिक्त संस्था प्रधान, शिक्षक एवं अभिभावकों की सजगता आवश्यक है। संस्था प्रधान न केवल आदेश के रूप में इसे सूचना पट्ट पर चस्पा करेंगे, बल्कि प्रार्थना सभा में भी इस संबंध में जानकारी देंगे और अध्यापक-अभिभावक परिषद की बैठक दौरान अभिभावकों से इस संबंध में बात भी करेंगे।
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