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Jaipur: CM बोले- राज्य सरकार के प्रयासों से हुए SDRF नॉर्म्स संशोधित, 30.15 लाख काश्तकारों को दी गई सब्सिडी

Sun, 03 Sep 2023 09:43 AM IST
लोकेंद्र सिंह चंपावत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

जयपुर में सीएम आवास पर राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक आयोजित हुई। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से  30.15 लाख काश्तकारों को 2595.57 करोड़ रुपये की इनपुट सब्सिडी दी गई।
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सीएम आवास पर मुख्यमंत्री ने ली बैठक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार किसी भी प्रकार की आपदा में न्यूनतम हानि और अधिकतम राहत सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आपदा से प्रभावित प्रत्येक नागरिक के लिए मानवीय दृष्टिकोण के साथ राहत उपलब्ध करवाने का कार्य कर रही है।

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गहलोत शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों के फलस्वरूप केन्द्र सरकार ने एसडीआरएफ नॉर्म्स में संशोधन किया है। गहलोत ने कहा-मैंने पत्र लिखकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से कृषि आदान-अनुदान को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत कृषि बीमा दावे के विरूद्ध समायोजित करने के प्रावधान को समाप्त करने की मांग की थी। इस आग्रह पर केन्द्र सरकार द्वारा एसडीआरएफ नॉर्म्स में संशोधन किया गया है। अब प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत कृषि बीमा में समायोजन किए बिना सीधे ही प्रभावित किसानों को अलग से इनपुट सब्सिडी की पूरी राशि भी दी जा रही है। इससे किसानों को इनपुट सब्सिडी का तत्काल भुगतान होगा और फसल बीमा राशि का भी पृथक से भुगतान हो सकेगा।

गहलोत ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के पुराने और नये क्लेमों का भुगतान शीघ्र करने के निर्देश दिए। साथ ही, अधिकारियों को 2022-23 की समस्त इनपुट सब्सिडी भी 15 सितम्बर, 2023 तक वितरित किए जाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2020-21 से वर्ष 2022-23 के दौरान लगभग 30.15 लाख काश्तकारों को 2595.57 करोड़ रुपए की इनपुट सब्सिडी दी गई है, जिसमें वर्ष 2022-23 में 6.82 लाख कृषकों को 800 करोड़ रूपये की इनपुट सब्सिडी शामिल है।
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आपदाओं में सहायता के लिए सभी स्वीकृतियां अप्रूवल 
बैठक में विभिन्न आपदाओं के दौरान पूर्व में दी गई तत्काल सहायता और स्वीकृतियों का कार्य के बाद अप्रूवल भी किया गया। इनमें कोविड-19 से मृत्यु होने पर मृतकों के आश्रितों को एसडीआरएफ से अनुग्रहिक सहायता प्रति मृतक 50000 रूपये के भुगतान के लिए सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग को वर्ष 2021-22 में 137.56 करोड़ एवं वर्ष 2022-23 में 53 करोड़ रूपये का बजट आवंटन और मानसून वर्ष 2022 में अतिवृष्टि और बाढ़ से क्षतिग्रस्त सार्वजनिक परिसम्पत्तियों सड़कों, बांधों, नहरों, भवनों आदि के 208.54 करोड़ रुपए के 8599 राहत कार्य शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सजगता से की गई तैयारियों और राहत कार्यों के परिणाम स्वरूप मानसून के प्रारंभिक महीनों में अधिक वर्षा होने पर भी बाढ़ और बारिश से होने वाले हादसों में जनहानि नगण्य हुई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आपदा प्रबन्धन व्यवस्था को सुदृढ करने के लिए एसडीआरएफ, नागरिक सुरक्षा और अन्य विभागों को आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों से संबंधित विभिन्न उपकरण उपलब्ध करवाए गए हैं। 

राज्य सरकार ने किसानों के हितों की रक्षा की
शासन सचिव कृषि और उद्यानिकी डॉ. पृथ्वीराज ने बताया कि फसल बीमा योजना के तहत वर्ष 2022-23 में लगभग 3 हजार करोड़ रूपए के बीमा क्लेम की राशि 31.54 लाख पॉलिसीधारकों को वितरित की जा चुकी है। शेष राशि लगभग 700 करोड़ रुपए का माह सितंबर के मध्य तक भुगतान कर दिया जाएगा। राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल का राजस्व रिकॉर्ड (ई-धरती) के साथ इंटीग्रेशन करने वाला राजस्थान तीसरा राज्य बन गया है। डिजीक्लेम के माध्यम से बीमा क्लेम वितरण करने में राजस्थान अग्रणी राज्यों में गिना जाता है और योजना के समग्र क्रियान्वयन में राजस्थान का दूसरा स्थान है। शत-प्रतिशत फसल कटाई प्रयोग ऑनलाइन करने पर धौलपुर जिले को भारत सरकार द्वारा हाल ही में सम्मानित किया गया है।

बैठक में कई मंत्री उपस्थित रहें
बैठक में कृषि और पशुपालन मंत्री लालचंद कटारिया, आपदा प्रबंधन और सहायता मंत्री गोविन्द राम मेघवाल, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सलाहकार समिति सदस्य मुकेश कुमार वाल्मिकी, अतिरिक्त मुख्य सचिव ग्रामीण विकास और पंचायतीराज अभय कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त अखिल अरोडा, प्रमुख शासन सचिव गृह आनंद कुमार, प्रमुख शासन सचिव यूडीएच टी. रविकांत, प्रमुख शासन सचिव श्रम विकास सीताराम भाले, शासन सचिव कृषि डॉ. पृथ्वीराज, शासन सचिव आपदा प्रबंधन पी.सी. किशन, शासन सचिव एलएसजी कैलाश चन्द मीणा, कृषि आयुक्त गौरव अग्रवाल सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहें।

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