ग्रेड थर्ड टीचर के तबादले पर अभी राज्य सरकार के स्तर पर अटके हुए हैं। टीचर अपने गृह जिलों में तबादलों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। जैसलमेर निवासी दिव्यांग अनु रंगा की पत्नी बांसवाड़ा जिले की सरकारी स्कूल में लगी है। पत्नी के जैसलमेर तबादले के लिए अनु रंगा लंबे अर्से से संघर्ष कर रहे हैं।
जैसलमेर से एक पति अपनी दिव्यांग पत्नी के तबादले के लिए स्कूटी से जयपुर जा रहा है। वह सीएम से मिलकर पत्नी के तबादले की मांग करेंगे। युवक की पत्नी शिक्षक है, जो बांसवाड़ा में पिछले चार सालों से पदस्थ है।
चार साल से हैं परेशान
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पति अनु रंगा का कहना है कि पत्नी चार सालों से पत्नी बांसवाड़ा में टीचर के रूप में पदस्थ है। वो भी अनु की तरह ही एक पैर से दिव्यांग है। जैसलमेर से बांसवाड़ा इतनी दूरी होने पर पति-पत्नी सहित पूरा परिवार दुखी है। मगर सरकार की तबादलों पर रोक के चलते हम तंग आ गए हैं। हर जगह प्रयास करने के बाद अब आखिर में मुख्यमंत्री का ही दरवाजा बजाना बाकी रह गया है। इसी सोच के साथ शुक्रवार को अनु रंगा अपनी स्कूटी लेकर जयपुर के लिए रवाना हुआ।
बांसवाड़ा में कार्यरत हैं तृतीय श्रेणी शिक्षक पत्नी
गौरतलब है कि ग्रेड थर्ड टीचर के तबादले पर अभी राज्य सरकार के स्तर पर अटके हुए हैं। टीचर अपने गृह जिलों में तबादलों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। जैसलमेर निवासी दिव्यांग अनु रंगा की पत्नी बांसवाड़ा जिले की सरकारी स्कूल में लगी है। पत्नी के जैसलमेर तबादले के लिए अनु रंगा लंबे अर्से से संघर्ष कर रहे हैं। चार साल से शिक्षा विभाग से लेकर राज्य सरकार के सामने गुहार लगा चुके हैं। अब निराश होकर पत्नी के तबादले की मांग को लेकर जैसलमेर से जयपुर तक स्कूटी से रवाना हुए।
7 मई को जयपुर पहुंचेंगे
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अनु रंगा ने बताया कि वे 5 मई को दोपहर 3 बजे गीता आश्रम से रवाना हुए। 5.30 बजे पोकरण, 6 बजे रामदेवरा व 8 बजे फलोदी पहुंचेगे। 6 मई को नागौर होते हुए 7 मई को जयपुर पहुंचेंगे। वे 8 मई को मुख्यमंत्री निवास पर सीएम अशोक गहलोत से मिलकर पत्नी का जैसलमेर तबादला करने की मांग रखेंगे। अनु रंगा ने बताया कि पत्नी का शिक्षक भर्ती 2018 में चयन हुआ था। पहली नियुक्ति बांसवाड़ा जिले में दी गई।