Rajasthan: हिंदू पंचाग के हिसाब से 30 मार्च से नव संवत चैत्र प्रतिपदा शुरू होने जा रहा है। लेकिन इस बार खास बात यह है कि नव संवत का राजा और मंत्री दोनों सूर्य है। आइए जानते हैं कि प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य प्रो. विनोद शास्त्री इस बारे में क्या भविष्यवाणी करते हैं।
हिंदू पंचांग के अनुसार, 30 मार्च से नव संवत चैत्र प्रतिपदा शुरू होगा। इस बार का संवत खास है क्योंकि राजा और मंत्री दोनों सूर्य हैं। राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एवं राजस्थान ज्योतिष संस्थान के महासचिव, प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य प्रो. विनोद शास्त्री के अनुसार, यह संयोग मौसम, राजनीति और व्यापार के क्षेत्र में बड़े बदलाव लाने वाला है।
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भीषण गर्मी का संकेत
प्रो. शास्त्री ने बताया कि जब राजा और मंत्री दोनों ही सूर्य होते हैं, तो भीषण गर्मी पड़ती है, जो पिछले वर्षों के सारे रिकॉर्ड तोड़ सकती है। जनता गर्मी से त्राहीमाम कर सकती है। इसके अलावा, आंधी-तूफान और भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं की संभावना भी जताई गई है।
19 साल बाद बन रहा दुर्लभ संयोग
प्रो. शास्त्री के अनुसार, लगभग 19 साल बाद ऐसा संयोग बना है, जब राजा और मंत्री दोनों ही सूर्य हैं। इस संयोग के कारण पर्यावरण पर गहरा असर पड़ेगा। कुछ स्थानों पर अतिवृष्टि हो सकती है, तो कुछ इलाकों में सूखे की स्थिति बन सकती है।
बारिश का संकेत और संतोष का भाव
इस साल नव मेघों में 'नील' नाम का मेघ है और जल का स्थंभ 85.35 है। इसका अर्थ है कि औसत रूप से अच्छी बारिश होगी, जिससे किसानों और आम जनता को राहत मिलेगी और आत्म संतुष्टि का भाव जागेगा।
संवत का वाहन अश्व- राजनीति और व्यापार पर असर
इस साल संवत का वाहन अश्व है, जो राजनीतिक मतभेद और उथल-पुथल का संकेत देता है। इसके कारण देश और दुनिया की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। साथ ही, वैश्विक व्यापार भी प्रभावित होने की आशंका है।