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एयरफोर्स जासूसी मामला: कोर्ट में पेशी के बाद रिमांड पर भेजा गया आरोपी, नाल में जासूसी कर पाक को भेजी थी लोकेशन

Mon, 23 Mar 2026 08:09 AM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान इंटेलीजेंस और एयरफोर्स की संयुक्त कार्रवाई में असम के चबुआ एयरफोर्स स्टेशन का सिविल कर्मचारी गिरफ्तार हुआ है। आरोपी पाकिस्तान को गोपनीय सैन्य जानकारी भेज रहा था। आरोपी को कोर्ट ने दो अप्रैल तक रिमांड में भेज दिया है।
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आरोपी जासूस सुमित कुमार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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असम के एयरफोर्स स्टेशन चबुआ से जुड़ी जासूसी के एक गंभीर मामले में राजस्थान इंटेलिजेंस और एयरफोर्स ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी सुमित कुमार को कोर्ट में पेश किया। सीजेएम कोर्ट जयपुर महानगर-1 में पेशी के दौरान राजस्थान इंटेलिजेंस ने आरोपी के लिए 12 दिन के रिमांड की मांग की, जिस पर अदालत ने उसे 2 अप्रैल तक रिमांड पर भेजने के आदेश दिए।

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जांच में सामने आया है कि आरोपी सुमित कुमार भारतीय वायुसेना से जुड़ी संवेदनशील और सामरिक जानकारी पाकिस्तानी हैंडलर्स को भेज रहा था। इस मामले का खुलासा पहले गिरफ्तार आरोपी झब्बरराम ने किया था। कोर्ट में इस दौरान राजस्थान इंटेलिजेंस की ओर से एडवोकेट सुदेश सतावन ने पैरवी की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एजेंसियां अब आगे की जांच में जुटी हैं।

असम के एयरफोर्स स्टेशन चबुआ से पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार सुमित कुमार (36) ने इंटेलीजेंस एजेंसियों की पूछताछ में बड़ा खुलासा किया है। आरोपी ने पूछताछ में बताया है कि उसने एयर फोर्स स्टेशन Chabua के अलावा अन्य सैन्य ठिकानों की जानकारी भी पाकिस्तान पहुंचाई। इसमें बीकानेर के एयर फोर्स स्टेशन नाल से जुड़ी जानकारियां भी शामिल हैं। इसमें मिसाइल सिस्टम, अधिकारियों-कर्मियों से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं और फाइटर एयरक्राफ्ट की लोकेशन भी थी। 
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अपने मोबाइल से बनवा रहा था पाक हैंडलर्स के सोशल मीडिया अकाउंट
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपी अपने नाम पर जारी मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करके पाकिस्तानी हैंडलर्स को सोशल मीडिया अकाउंट बनाने में भी सहयोग किया। गौरतलब है कि आरोपी सुमित कुमार को 22 मार्च, 2026 को जयपुर के स्पेशल पुलिस स्टेशन में दर्ज केस के तहत Official Secrets Act, 1923 और BNS एक्ट, 2023 की संबंधित धाराओं में गिरफ्तार किया गया। इस एक्शन से भारत में एक्टिव पाकिस्तान समर्थित एक बड़े जासूसी नेटवर्क का खुलासा हुआ है। केस की आगे की जांच जारी है।



यह भी पढें- पाकिस्तानी आकाओं को भेज रहा था खुफिया जानकारी, जासूसी के आरोप में वायुसेना कर्मी गिरफ्तार; जानें कैसे खुला राज

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस इंटेलीजेंस प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि इस पूरे मामले की शुरुआत जनवरी 2026 में जैसलमेर निवासी झबराराम की गिरफ्तारी से हुई थी। उससे पूछताछ और अनुसंधान के दौरान एक अन्य संदिग्ध सुमित कुमार का नाम सामने आया, जो लगातार पाक खुफिया एजेंसियों के संपर्क में था। 
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जांच में सामने आया कि आरोपी सुमित कुमार (36) पुत्र बेनी माधव निवासी लाहुरपार प्रयागराज उत्तर प्रदेश वर्तमान में एयरफोर्स स्टेशन छबुआ, डिब्रूगढ़ असम में MTS के पद पर कार्यरत था। वह अपने पद का दुरुपयोग करते हुए एयरफोर्स स्टेशन से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं एकत्रित करता और सोशल मीडिया के जरिए पाक हैंडलर्स तक पहुंचाता था।  राजस्थान इंटेलीजेंस की टीम ने एयरफोर्स इंटेलीजेंस, नई दिल्ली के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी को छबुआ से डिटेन किया और जयपुर स्थित केंद्रीय पूछताछ केंद्र लाया गया।

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