राज्यपाल कलराज मिश्र ने शुक्रवार से शुरू हुए 16वीं विधानसभा के बजट सत्र में राज्य सरकार की ओर से पेश किए गए अभिभाषण को पढ़ा। इसमें पिछली सरकार की नीतियों और वित्तीय प्रबंधन की आलोचना की गई, साथ ही लगभग सभी बड़ी येाजनाओं को भी समीक्षा के दायरे में लाने की बात कही गई है।
अभिभाषण के मुख्य बिंदु
- नकल माफियाओं के खिलाफ ऑफिसर स्कीम के तहत मुकदमे चलाएगी सरकार। प्रदेश में न तो अब नौकरी लूट होगी और न ही पेपर लीक होगा।
- कानून सुनिश्चित करने में सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। अब तक 10 हजार अपराधियों के विरु्दध कानून सम्मत कार्रवाई की जा चुकी है।
- पिछली सरकार ने बाड़मेर रिफाइनरी प्रोजेक्ट को अटकाया, जिससे परियोजना की लागत 37 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 75 हजार करोड़ रुपये पर आ गई। नई सरकार नए सिरे से इसकी समीक्षा कर 72 हजार करोड़ का निवेश कर बाड़मेर रिफाइनरी के निर्माण में तेजी लाएगी।
- डीओआईटी में हुए भ्रष्टाचार पर कार्रवाई के लिए सीबीआई को अनुसंधान की अनुमति बहाल कर दी गई है।
- जलजीवन मिशन योजना में फर्जी अनुभव प्रमाण पत्रों व भ्रष्टाचार के कारण प्रदेश की जनता को इसका लाभ नहीं मिला। राजस्थान इस योजना की रैंकिंग में देश में सबसे नीचे चला गया है। सरकार इन घोटालों की जांच करवाएगी।
- मात्र साइन बोर्ड बदलकर महात्मा गांधी अंग्रेजी मीडियम स्कूलों को खोल दिया गया। विद्यालयों में न तो शिक्षकों को लगाया गया, न ही आवश्यक वित्तीय प्रावधान किए गए। सरकार इन विद्यालयों की समीक्षा करते हुए विद्यार्थी हितों को सर्वोपरि रखते हुए फैसले लेगी।
- चिकित्सकों और निजी अस्पतालों को विश्वास में लेकर राइट टू हेल्थ लाने का काम करेगी। चिरंजीवी योजना की समीक्षा कर केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना को आगे बढ़ाएगी।
- सरकार प्रदेश में पीपीपी मॉडल पर 2 मेडी सिटी स्थापित करेगी। भारत सरकार के हील इन इंडिया की तर्ज पर हील इन राजस्थान कार्यक्रम संचालित किया जाएगा। वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज पर सरकार प्रतिबद्ध है।