बड़े भाई की मौत के बाद छोटे ने भी तोड़ा दम।
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राजस्थान के जयपुर जिले में जुड़वा भाइयों का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां दो जुड़वा भाइयों की दो दिन में मौत हो गई। उनकी उम्र करीब 90 साल थी। दोनों भाइयों की कहानी करण-अर्जुन फिल्म जैसी ही थी। एक भाई बीमार होता हो दूसरे को भी अस्पताल ले जाना पड़ता था।
दरअसल, जुड़वा भाइयों की कहानी जयपुर के सावरदा की है। यहां 1933 में एक परिवार में दो जुड़वा बच्चों ने जन्म लिया। परिवार वालों ने दोनों के नाम चांद और सूरज रखा। दोनों जुड़वा भाई सिर्फ देखने में ही नहीं रहन-सहन और बोल-चाल में भी एक जैसे ही थे।
गांव और परिवार के लोग कहते हैं कि दोनों भाइयों में से कोई भी बीमार होता था तो दूसरे को भी अस्पताल ले जाना पड़ता था। इसी बीच करण-अर्जुन फिल्म रिलीज हुई थी तो गांव वाले उन्हें इसी नाम से बुलाने लगे।
दोनों भाइयों में इतना प्यार था कि उन्होंने शादी भी दो सगी बहनों से एक ही दिन और एक ही मंडप पर की थी। दोनों बहनें जयपुर के हरमाड़ा की रहने वाली थीं। दोनों भाइयों के 11 बच्चे हैं। सूरत तीन और चांद आठ बेटों के पिता थे।
ग्रामीणों ने बताया कि रविवार शाम को बड़े भाई सूरज की मौत हो गई। परिजनों ने छोटे भाई को बिना जानकारी दिए सूरज का अंतिम संस्कार कर दिया। सोमवार को छोटे चांद को इसकी जानकारी लगी तो वह ये सदमा नहीं सह पाए और उनकी भी मौत हो गई। दो दिन दो भाइयों की मौत से परिवार ही नहीं गांव में भी मातम पसर गया है।