अपने खास अंदाज और सहृदय के चलते आम जनता के दिल में जगह बनाने वाले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम को जयपुर के सभी डाकघरों ने उसी अंदाज में श्रद्धाजंलि दी जैसी वो चाहते थे।
कलाम को नमन करने के लिए जयपुर के सभी डाकघर रविवार को छुट्टी के दिन भी खुले रहे और बदस्तूर कार्य किया। पूर्व राष्ट्रपति कलाम भी कहा करते थे कि अगर उनकी मौत के बाद उन्हें सही श्रद्धाजंलि देनी है तो छुट्टी करने के बजाय एक दिन फालतू काम करके दें।
कलाम के इसी वाक्य को ध्येय बनाते हुए जयपुर के डाकघरों ने उन्हें सही रूप में नमन किया और दिनभर विधिवत रूप से काम निपटाया।