जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के 16वें संस्करण का उद्घाटन।
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तंजानिया के ब्रिटिश नोबेल पुरस्कार विजेता अब्दुल रज्जाक गुरनाह ने कहा- राइटिंग रजिस्टेंस (प्रतिरोध) का ही एक फॉर्म है। यह रेजिस्टेंस किसके लिए है ? यह रेजिस्टेंस क्षमा करने के लिए है। रेजिस्टेंस इस बात के लिए है कि जो हम जानते हैं, उसे नहीं जानना चाहते।
उद्घाटन सत्र में गुरनाह ने कहा कि उपेक्षा करने का भी हम पर प्रतिरोध है। पूरे तरीके से काम करने के लिए प्रतिरोध नहीं होना चाहिए। प्रतिरोध करने का एक तरीका लिखना भी है। ऐसे में हमें लिखते रहना चाहिए। डिस्ट्रेक्शन में भी रेजिस्ट्रेंस होना चाहिए। राजमर्रा के जो काम, जिन्हें हम भूल जाते हैं, उन्हें याद रखें।
हमें यह देखना चाहिए जो काम महत्वपूर्ण है, वहीं हमें जीवित रखे हुए हैं। इसलिए लेखन जारी रहना चाहिए। कई बार ऐसी भी चीजें होती है, जिनसे हम विचलित होते हैं और कई बार उनसे आकर्षण होता है, लेकिन यह भी एक तरीके का रेजिस्टेन्स है। गुरनाह ने कहा- लेखन केवल नोबेलिटी और साहस का काम नहीं, बल्कि जो महत्वपूर्ण है उसे नहीं भूलना और जीवित रखने का पेशा है।
यह भी जानना महत्वपूर्ण है कि हमारा दिमाग जिस बात पर फोकस कर रहा होता है, दूसरी चीज़ों से उससे हम भटकें नहीं, यह भी एक तरह की जिम्मेदारी होती है। दूसरे नेरेटिव्स के कारण महत्वपूर्ण चीजें नेगलेक्ट न हो जाएं, उन्होंने कहा- यह रेजिस्टेंस जरूरी नहीं है कि तानाशाहों से लड़ने या प्लेटफॉर्म्स पर आवश्यक रूप से खड़े होने और लोगों को ऊर्जा देने के लिए पावरफुल स्पीच दी जाएं। यह ऐसे आइडिया और विश्वास को बनाये रखता है, जिन्हें हम महत्वपूर्ण समझते हैं और वैल्यू देते हैं।