करौली में दो अप्रैल को भड़की हिंसा की जांच अब गृह विभाग की जांच समिति करेगी। जांच समिति के अधिकारी करौली जा कर पीड़ितों और चश्मदीदों से मुलाकात भी करेंगे। यह जांच 20 अप्रैल तक यानी दो दिन में की जाएगी। उधर, शहर में दो अप्रैल से लगे कर्फ्यू को बीते रविवार से हटा दिया गया है। एहतियातन पुलिस के जवान शहर में तैनात हैं।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मामले पर नजर बनाए हुए हैं। उनका कहना है कि किसी भी बेगुनाह को सजा न मिले और कोई भी गुनाहगार बच नहीं पाए। इसी उद्देश्य के तहत जांच समिति अपना काम कर रही है।
हिंसा के बाद से ही प्रशासन हालात सामान्य करने के प्रयास लगातार कर रहा था। इसके लिए शहर में करीब पांच बार कर्फ्यू की अवधि भी बढ़ाई गई। कुछ दिन बाद प्रशासन ने कर्फ्यू में ढ़ील देना शुरू किया। तीन दिन पहले 12 घंटे की ढ़ील भी दी गई थी। इस दौरान लोगों ने बाजार में जमकर खरीदारी की। हालात सामान्य होने पर रविवार को कर्फ्यू पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया।
जानें क्या हुआ था?
दो अप्रैल को हिंदू नव वर्ष पर निकाली गई बाइक रैली पर पथराव के बाद हिंसा भड़क गई थी। उपद्रवियों ने 35 से अधिक दुकानों, मकानों और बाइकों को आग के हवाले कर दिया था। बिगड़ते हालात को देखते हुए शहर में पहले धारा 144, कर्फ्यू और फिर इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी गई थी। हिंसा में पुलिसकर्मियों सहित 43 लोग घायल हुए थे। इसके बाद से शहर में कर्फ्यू की मियाद लगातार बढ़ाई गई थी।