होली का त्यौहार धूम धाम से मनाया जाएगा। जयपुर के पुराने शहर की होली की सबसे बड़ी खासियत है यहां होने वाली होली की पूजा। राजे रजवाड़े भले ही खत्म हो गए हों, लेकिन सालों बाद भी होली की पूजा वहीं सबसे पहले होती है, वहीं होलिका दहन किया जाता है। एक के बाद एक करके पूरे शहर में उस होलिका की आंच से पूरे शहर में होलिका दहन होता है। यह परम्परा बदस्तूर जारी है।
परम्पराओं की मानें तो सिटी पैलेस में सबसे पहले होलिका दहन होता है। यहां होलिका दहन करने के बाद उसके नजदीक की होलिका का दहन यहां से आंच ले जाकर किया जाता है। इसी तरह आगे की होलिका पर यहां से आंच ले जाई जाती है। एक एक करके पूरे शहर में ही देर में होलिका दहन हो जाता है।
मजेदार बात यह है कि सिटी पैलेस में होलिका दहन होने की चंद मिनटों में ही पूराने शहर में तेजी के साथ होलिका दहन हो जाता है। जयपुर शहर में इस बार होलिका दहन शाम 06:30 से 08:23 तक होगा। इस दौरान दहन का श्रेष्ठ मुहूर्त माना गया। यह करीब 1 घंटा 53 मिनट्स तक रहेगा। इस बीच सबसे पहले सिटी पैलेस में होलिका दहन होगा और कुछ ही देर में पूरे शहर में होली मंगलेगी।