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Bikaner: BTU के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल मिश्र बोले- टेक्निकल एजुकेशन से मेक इन इंडिया अभियान को दें स्पीड

Mon, 20 Mar 2023 05:17 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर

सार

राज्यपाल कलराज मिश्र ने बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह को राजभवन से ऑनलाइन संबोधित किया। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा देश में मेक इन इंडिया अभियान को स्पीड देने का प्रभावी माध्यम बननी चाहिए।
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BTU के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल कलराज मिश्र - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा कि तकनीकी विश्वविद्यालय ऐसे उपकरण, मेकेनिकल टेक्नोलॉजी विकसित करें, जिसकी सहायता से लोग खुदके उद्योग लगा कर अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान कर सकें। राज्यपाल मिश्र सोमवार को बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह में राजभवन से ऑनलाइन संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कुशल जनशक्ति तैयार करने के साथ तकनीकी शिक्षा में इस बात पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए कि आम व्यक्ति के जीवन को कैसे सस्ती और सुलभ तकनीक मिल सकती है।

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'वैदिक ग्रंथों में प्रकाश की गति, आकर्षण शक्ति, परमाणु पर बहुत सारा ज्ञान'
राज्यपाल ने कहा कि तकनीकी क्षेत्र में भारत वैदिक काल से ही बहुत समृद्ध रहा है। वैदिक ग्रंथों में प्रकाश की गति, आकर्षण शक्ति, परमाणु आदि पर बहुत सारा ज्ञान निहित है। उन्होंने नई शिक्षा नीति के अंतर्गत प्राचीन ज्ञान के संदर्भों के साथ आधुनिक वर्ल्ड नॉलेज का समन्वय करते हुए टेक्नोलॉजी डवलपमेंट को स्पीड अप करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में टेक्निकल एजुकेशन के प्रैक्टिकल प्रसार पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।

'कैंपस इंटरव्यू में पांच हजार से ज्यादा रोजगार प्रस्ताव उपलब्ध करवाए'
राज्यपाल मिश्र ने कहा कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रांसलेशन एंड इंटरप्रिटेशन के जरिए सराहनीय पहल की गई है। इसके जरिए अंग्रेजी के साथ हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं में भी वैज्ञानिक, तकनीकी और चिकित्सकीय शिक्षा के कोर्स को उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आईआईटी संस्थानों में भी पाठ्यक्रमों को हिंदी और दूसरी भाषाओं में अनुवाद का कार्य भी पिछले कुछ समय में शुरू हुआ है, जिसके दूरगामी परिणाम आएंगे।
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राज्यपाल ने स्टूडेंट्स में इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय में आईडिया लैब, आईनेस्ट इन्क्यूबेशन सेंटर कार्यों की सराहना की। उन्होंने इस बात पर खुशी जाहिर की कि विश्वविद्यालय में 1,500 से ज्यादा कंपनियों ने कैंपस इंटरव्यू में पांच हजार से ज्यादा रोजगार प्रस्ताव उपलब्ध करवाए हैं।

2,182 स्टूडेंट्स को स्नातक, स्नातकोत्तर डिग्री दीं
इस दौरान राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड, नई दिल्ली के पूर्व अध्यक्ष प्रो. कृष्ण किशोर अग्रवाल ने तकनीकी शिक्षा के संदर्भ में नई शिक्षा नीति के विशेष पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने विषय के अतिरिक्त अन्य विषयों का भी आधारभूत ज्ञान प्राप्त कर सकें, इसके लिए नई शिक्षा नीति में पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने अपने संबोधन में बहुसंकाय अध्ययन की आवश्यकता पर बल दिया।

कुलपति प्रो. अम्बरीश शरण विद्यार्थी ने विश्वविद्यालय का प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि साल 2017 में स्थापित इस विश्वविद्यालय के चार संघटक और 42 संबद्ध महाविद्यालयों में  वर्तमान में 16 हजार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नई शिक्षा नीति को लागू करने वाला प्रदेश का प्रथम विश्वविद्यालय बन गया है।
प्रो. कृष्ण किशोर अग्रवाल को इस अवसर पर विश्वविद्यालय की ओर से डॉक्टर ऑफ साइंस की मानद उपाधि प्रदान की गई।

दीक्षांत समारोह में श्रेष्ठ एकेडमिक परफॉर्मेंस वाले स्टूडेंट्स को गोल्ड मेडल और 2,182 स्टूडेंट्स को स्नातक, स्नातकोत्तर उपाधियां प्रदान की गईं। विद्युत अभियांत्रिकी विभाग के अरविंद कुमार को विश्वविद्यालय की ओर से पीएचडी की पहली उपाधि प्रदान की गई। राज्यपाल ने डिग्री और पदक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उनसे अर्जित प्रौद्योगिकी ज्ञान का राष्ट्र और समाज की भलाई के लिए अधिकाधिक उपयोग करने का आह्वान किया।

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