भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता और विधायक रामलाल शर्मा ने राज्य सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य में कोरोना की लहर पीक पर थी, उस समय सरकार ने सीएचए के पदों पर भर्ती की थी। कोरोना काल में सभी कर्मचारियों ने बेहतरीन कार्य किया। सीएचए के पद पर काम करने वालों को छह से नौ महीने तक एक भी पैसा नहीं दिया गया। इसके बाद भी सरकार ने 31 मार्च को इन्हें पद मुक्त करने के आदेश जारी कर दिए। ऐसा कर सरकार ने 28000 लोगों को बेरोजगार करने का काम किया है।
शर्मा ने कहा कि बजट के दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने घोषणा दी थी कि मेडिकल हेल्थ मॉनिटरिंग फोर्स बनाई जाएगी। इसके बाद भी वे लोगों को बेरोजगार करने का काम कर रहे हैं। भाजपा की मांग है कि सभी को पद मुक्त करने के बजाय इन्हें स्थाई किया जाए। साथ ही नौ महीने के परिश्रम का पारितोषिक भी दिया जाए, ताकि सभी अपने परिवार का लालन-पालन कर सके।
गोविंद डोटासरा संगठन के विस्तार पर ध्यान दें, चंद राज्यों में ही बची है कांग्रेस
इधर, विधायक रामलाल शर्मा ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा द्वारा आरएसएस और भाजपा पर दिए गए बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की नाव में आखिरी कील ठोकने का काम डोटासरा ही करेंगे। दरअसल, गुरुवार को कांग्रेस के सम्मेलन में डोटासरा ने कहा था कि आरएएस और बीजेपी को जब तक बिल में नहीं घुसा दूं तब तक रुकने और डरने वाला नहीं हूं।
इसके जवाब में शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र के अंदर अहंकार की भाषा ठीक नहीं है। मैं इतना ही कहूंगा कि कांग्रेस के नेता, कांग्रेस पार्टी और प्रदेश अध्यक्ष अपने संगठन के विस्तार करने की और उसमें सुधार करने के बारे में सोचे तो ज्यादा अच्छा होगा। भाजपा और आरएसएस की चिंता करने की उन्हें आवश्यकता नहीं है। यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा कि कौन किसको बिल में डालने का काम करना करेगा। शर्मा ने कहा कि चंद राज्यों में ही कांग्रेस सरकारी बची है। आप (डोटासरा) उसे ही बचा लो बहुत है। 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की सरकार बनने से कोई रोकने वाला नहीं हैं।