भिखारियों को रोजगार दिलाएगी सरकार।
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जयपुर के जिला कलक्टर प्रकाश राजपुरोहित ने बताया उन्होंने हर महीने रेस्क्यू किए गए 100 भिखारियों को रोजगार मुहैया करवाने के निर्देश प्रशासन को दिए हैं। कलक्टर के निर्देश पर अतिरिक्त जिला कलक्टर (दक्षिण) मोहम्मद अबूबक्र की अगुवाई में जयपुर जिले में अभियान का सफल इम्प्लीमेंटेशन किया जा रहा है।
जयपुर जिले में कुल 390 भिखारियों को रेस्क्यू
एडीएम अबूबक्र ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की बजट घोषणा की पालना में चलाए जा रहे भिक्षावृति मुक्त अभियान के तहत जयपुर जिले में कुल 390 भिखारियों को रेस्क्यू किया गया है। अभियान के अगले चरण में जिला प्रशासन रेस्क्यू किए गए भिखारियों को स्किल डवलपमेंट और ट्रेनिंग के बाद गौशालाओं, मंदिर प्रबंधन समिति समेत अन्य कार्य स्थलों पर रेग्युलर रोजगार मुहैया करवाया जाएगा। अभी तक रेस्क्यू किए गए 22 भिखारियों को रोजगार उपलब्ध करवाया गया है।
पुनर्वास के लिए चार स्वयंसेवी संस्थाओं को जिम्मा
अभियान के तहत भिखारियों को रेस्क्यू के बाद पुनर्वास (री-स्टैब्लिशमेंट) के लिए 4 पुनर्वास केन्द्रों को चिन्हित किया गया है। केन्द्रों पर जरूरी व्यवस्थाओं, सुरक्षा संबंधी सहायता और निरीक्षण के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को पाबंद किया गया है। साथ ही, इन केन्द्रों के सफल संचालन के लिए कलक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति ने 4 स्वयंसेवी संस्थाओं का सलेक्शन किया है।
भिखारियों को रेस्क्यू कर पर सभी बेसिक फैसिलिटी उपलब्ध
अभियान के तहत 14 नवम्बर, 2022 से जयपुर शहर के मुख्य चौराहों पर दो सप्ताह तक सलाह और परामर्श कार्यक्रम चलाया गया। जिसमें आम जनता और भिखारियों से समझाइश की गई। 16 दिसम्बर, 2022 से जिला प्रशासन, पुलिस और स्वयं सेवी संस्थाओं के ज़रिए भिखारियों को रेस्क्यू कर पुनर्वास केन्द्रों पर भेजा गया, जहां पर उनकी प्राथमिक जांच के बाद बेसिक फैसिलिटीज उपलब्ध करवाई जा रही हैं।