मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बुधवार को दिल्ली में कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी से मिले। इस दौरान उन्होंने 14 से 16 मई तक प्रस्तावित कांग्रेस के चिंतन शिविर पर बातचीत की। साथ ही प्रशांत किशोर की कांग्रेस में भूमिका पर भी चर्चा की। यह सब बातें चिंतन शिविर में आएंगी ही। सोनिया गांधी के साथ-साथ गहलोत ने पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री केसी वेणुगोपाल और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से भी मुलाकात की।
दिल्ली पहुंचने के बाद मीडिया से चर्चा में गहलोत ने कहा कि प्रशांत किशोर अब देश में एक ब्रांड बन चुके हैं। 2014 में वे नरेंद्र मोदी के साथ थे। फिर नीतिश कुमार के साथ और पंजाब में कांग्रेस के साथ कई अन्य राज्यों में भी उन्होंने अपनी भूमिका निभाई है। हम भी विशेषज्ञों और एजेंसियों की सलाह लेते हैं। उनका अनुभव विपक्ष की एकजुटता में उपयोगी हो सकता है।
उदयपुर में चिंतन शिविर क्यों?
कांग्रेस का चिंतन शिविर 2013 में जयपुर में हुआ था। इसके नौ साल बाद फिर चिंतन शिविर राजस्थान में होने जा रहा है। इस बार उदयपुर को चुने जाने के पीछे इसी साल गुजरात में होने जा रहे विधानसभा चुनावों को भी वजह बताया जा रहा है। पार्टी के नेताओं को लग रहा है कि यह कदम गुजरात के कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाने वाला हो सकता है। प्रदेश प्रभारी अजय माकन 14 अप्रैल को उदयपुर गए थे। वहां चिंतन शिविर के मद्देनजर कई लग्जरी होटल भी उन्होंने देखे हैं।